कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ कथित सामूहिक बलात्कार के मामले में चौकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि, गिरफ्तार किए गए चार लोगों में से तीन ने पहले से ही गैंगरेप की योजना बना रखी थी। इस घटना की जांच कर रहे नौ सदस्यीय विशेष जांच दल के अधिकारियों ने यह भी पाया कि, तीनों आरोपियों मनोजीत मिश्रा, प्रतीम मुखर्जी और जैद अहमद का कॉलेज की छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने का इतिहास रहा है।

पुलिस ने बताया कि, मामले में चौथा आरोपी कॉलेज का सुरक्षा गार्ड है। अधिकारी के अनुसार, तीनों अपने मोबाइल फोन पर इस तरह की घटनाओं को रिकॉर्ड करते थे और बाद में फुटेज का इस्तेमाल पीड़िताओं को ब्लैकमेल करने के लिए करते थे। कोलकाता के साउथ कलकत्ता ला कालेज में छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना की जांच में पता चला है कि, आरोपितों ने मुंह बंद करने के लिए सुरक्षा गार्ड का फोन छीन लिया था। पुलिस ने 17 छात्रों की सूची तैयार की है, जो दोपहर बाद घटना के दिन कालेज में उपस्थित थे। इन छात्रों से पूछताछ की जाएगी।

शनिवार को पीड़िता को क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन के लिए कॉलेज ले जाया गया। एक पांच सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इस केस की जांच कर रही है। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टि हुई है। जिसमें जबरदस्ती, काटने के निशान और नाखूनों के खरोंच के सबूत मिले हैं। इस घटना ने जनता का गुस्सा भड़का दिया है. TMC और BJP के बीच सियासी तनातनी और भी तेज हो गई है। TMC के कुछ नेताओं के बयानों ने विवाद को और हवा दे दी है। सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, “अगर दोस्त ही दोस्त का रेप करे, तो सुरक्षा कैसे होगी?” वहीं, विधायक मदन मित्रा ने कहा कि अगर लड़की कॉलेज बंद होने पर वहां न जाती तो यह हादसा न होता। इन बयानों की TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कड़ी निंदा की और कहा, “भारत में मर्दवादी सोच हर पार्टी में है, लेकिन TMC ऐसी टिप्पणियों की निंदा करती है। ” उधर बीजेपी अब इस मामले को लेकर पूरे राज्य में प्रदर्शन करने की सोच रही है।

एलएलबी की छात्रा से कोलकाता में हुए गैंगरेप मामले में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी की प्रतिक्रिया आई है। जेडीयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि, अभियुक्त की गिरफ्तारी ही सरकार की जिम्मेदारी नहीं होती है क्योंकि एक राजनीतिक दल से उसका संबंध है तो टीएमसी को केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई ही नहीं करनी चाहिए बल्कि जनता यह उम्मीद करती है कि, आप समय सीमा के तहत चार्जशीट तय करें। स्पीड ट्रायल करें, जिससे न्याय मिलने की उम्मीद बरकरार रहे। आगे कहा, “जब न्यायपालिका उसको सजा मुकर्रर करेगी तो लोगों को सुकून मिलता है और विश्वास बढ़ता है। ममता बनर्जी आप महिला मुख्यमंत्री हैं, इस तरह के विषय पर राजनीतिक एजेंडा मत तय कीजिए। इस तरह का सामाजिक महापाप करने वाला किसी पार्टी, धर्म या जाति से जुड़ा हुआ हो, उसके खिलाफ मुकम्मल कार्रवाई होनी चाहिए और यह कार्रवाई दिखाई भी देनी चाहिए।”

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना का मुख्य आरोपित तृणमूल कार्यकर्ता मनोजित मिश्रा शुरू से ही काफी प्रभावशाली रहा है। बीते अप्रैल में पुलिस को पीटने के मामले में उसे आसानी से जमानत भी मिल गई थी। पुलिस के पास उसके खिलाफ छेड़छाड़, उत्पीड़न, मारपीट और यहां तक कि जबरन वसूली की कई शिकायतें दर्ज की गई थीं। ‘मैंगो’ के नाम से जाने-जाने वाले मनोजित का महिलाओं के निजी पलों को रिकॉर्ड करने, उनकी तस्वीरों को मार्फ करने और उन्हें मनोरंजन और उपहास के लिए वाट्सएप ग्रुप में साझा करने का लंबा इतिहास रहा है। कोलकाता पुलिस ने बताया कि एक सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। जिसमें 24 साल के लॉ स्टूडेंट को कथित तौर पर गैंगरेप का शिकार बनाया गया है। जिसे दो आरोपी गेट से घसीटकर साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज के परिसर के अंदर ले जा रहे हैं।

पीड़िता, जो कॉलेज की छात्रा है. उसे दो सीनियर स्टूडेंट्स और एक पूर्व छात्र ने कथित तौर पर कॉलेज के गार्ड रूम में ले जाकर गैंगरेप किया। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि, मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा ने दो अन्य आरोपियों को उसे जबरदस्ती गार्ड रूम में ले जाने का आदेश दिया था। सीसीटीवी फुटेज ने पीड़िता के बयान की पुष्टि की है, जिसमें तीनों आरोपियों, सिक्योरिटी गार्ड और पीड़िता की हलचल दिख रही है। पुलिस का मानना है कि, इस गैंगरेप की वजह ये हो सकती है कि, पीड़िता ने मुख्य आरोपी के शादी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। पीड़िता ने कथित तौर पर आरोपियों से कहा था कि, वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ खुश है और उसे धोखा नहीं देगी। मनोजीत का तृणमूल कांग्रेस (TMC) की यूथ विंग से संबंध बताया जा रहा है।
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