Home उत्तर प्रदेश देवरिया में खाद्य सुरक्षा टीम की कार्रवाई: 60 किलो संदिग्ध पनीर नष्ट, नमूने जांच हेतु भेजे गए
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देवरिया में खाद्य सुरक्षा टीम की कार्रवाई: 60 किलो संदिग्ध पनीर नष्ट, नमूने जांच हेतु भेजे गए

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Deoria food safety raid
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उत्तर प्रदेश , 4 जुलाई 2025

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रुद्रपुर तहसील के ग्राम खोरमा स्थित श्रि गणेश डेयरी फार्म पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसएसएआई) की विशेष टीम ने छापेमारी कर 60 किलोग्राम संदिग्ध पनीर नष्ट किया। जांच में स्किम्ड मिल्क पाउडर और रिफाइंड पामोलीन ऑयल के नमूने भी लिए गए हैं, जिन्हें राज्य के खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला में भेजा गया। रिपोर्ट आने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


घटना की पृष्ठभूमि और कार्रवाई

27 जून 2025 को उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा और ड्रग प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) विनय कुमार सहाय की अगुवाई में विशेष सचल दल ने बिना पूर्व सूचना के श्री गणेश डेयरी फार्म पर रेड की। इसके पीछे अर्जित सूचना थी कि यहाँ पर उपभोक्ता के लिए बनाई जा रही पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध सकती है।

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजीव मिश्र, खाद्य सुरक्षा अधिकारी नेहा त्रिपाठी, घनश्याम वर्मा, और राजू पाल के साथ दल ने छापेमारी की प्रक्रिया को अंजाम दिया।

Deoria food safety raid

छापेमारी के मुख्य निष्कर्ष

  1. उपभोग हेतु असुरक्षित पनीर : टीम ने मौके पर करीब 60 किलोग्राम पनीर नष्ट करवाया, क्योंकि यह उपभोग के लिए उपयुक्त नहीं था।
  2. नमूने संग्रह : मानव उपभोग हेतु उत्पादित पनीर, स्किम्ड मिल्क पाउडर, और रिफाइंड पामोलीन ऑयल के नमूने लिए गए।
  3. आपूर्ति किए गए नमूने : पनीर के दो नमूने, स्किम्ड मिल्क पाउडर का लगभग 371 किग्रा (₹1,48,400 का अनुमानित मूल्य), और पामोलीन ऑयल का लगभग 28 किग्रा (₹5,230 का अनुमानित मूल्य) कब्जे में लिए गए।
  4. प्रयुक्त संसाधन : नमूने राजकीय खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला में भेजे गए हैं, और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कार्यप्रणाली और अगला कदम

विश्लेषण प्रक्रिया

राजकीय खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला खाद्य पदार्थों की रासायनिक, जीवाणु, और शारीरिक विश्लेषण करेगी। इसकी रिपोर्ट में तय होगा कि उत्पाद कानून के मानकों पर खरे हैं या निदान करने योग्य दोष हैं।

कानूनी कार्रवाई

रिपोर्ट में दोष मिलने पर एफएसएसएआई और प्रशासन खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत राज़िनामा करेंगे जिसमें जुर्माना, लाइसेंस रद्द करना, या अन्य विधिक कार्रवाई शामिल हो सकती है।


प्रभाव और सामाजिक दायित्व

  • उपभोक्ता सुरक्षा : ऐसे मामलों से यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन खाद्य आपूर्ति श्रृंखला में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त कदम उठा रहा है।
  • खाद्य उद्योग की जिम्मेदारी : डेयरी फार्म और खाद्य उत्पादक अब सख्त मानकों का ध्यान रखेंगे, जिससे गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ेगी।
  • प्राथमिक कार्रवाई का संदेश : यह एक स्पष्ट संदेश है कि कथित कमी पर प्रशासन तत्काल कार्रवाई करने में सक्षम है, जिससे संतुलित खाद्य बाजार सुनिश्चित होगा।

स्थानीय प्रतिक्रिया और भविष्य की रणनीति

स्थानीय प्रशासन

एफएसएसएआई के निर्देशों के अनुरूप विजिलेंस बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।

उपभोक्ता संगठन

स्थानीय उपभोक्ता ग्रुप्स इस कार्रवाई का स्वागत कर रहे हैं और सुझाव दे रहे हैं कि बड़े पैमाने पर निरिक्षण अभियान चलाया जाए।

देवरिया की इस कार्रवाई ने साफ संदेश भेजा है खाद्य सुरक्षा कोई छूट देने वाला विषय नहीं है। जहां भी गुणवत्ता से समझौता होगा, विभाग कानून के दायरे में रहते हुए प्रभावी जांच और कार्रवाई करेगा। यह कदम उपभोक्ताओं को सुरक्षित रखने, उत्पादकों को कानून के अनुरूप रहने और खाद्य मानकों को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

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