लखनऊ : राजधानी लखनऊ को जल्द ही जाम से निजात मिलने वाली हैं लखनऊ के सबसे व्यस्त इलाके हजरतगंज से शहिद पथ को सीधा जोड़ने के लिए 315 करोंड़ की लागत से लखनऊ विकास प्राधिकरण 2300 मिटर लंबे पुल का निर्माण करने जा रहा है यह पुल लखनऊ के लॉ मार्टस कालेज से शुरु होकर पिपरा घाट से होते हए जी -20 रोड़ के रास्ते शहिद पथ को जोड़गी
इतनी होगी फ्लाईओवर की लंबाई ?
लखनऊ। राजधानीवासियों के लिए जल्द ही एक बड़ी सौगात मिलने वाली है। शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्रों में से एक हजरतगंज से लेकर शहीद पथ तक अब सफर होगा आसान। ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए राज्य सेतु निर्माण निगम लगभग ₹315 करोड़ की लागत से 2600 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाने जा रहा है।
इस फ्लाईओवर को ग्रीन कॉरिडोर योजना के तहत विकसित किया जाएगा, जिससे हजरतगंज से निकलने वाला ट्रैफिक सीधे शहीद पथ तक पहुंचेगा और चारबाग, कैसरबाग, हुसैनगंज जैसे इलाकों में जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इस परियोजना के लिए टेंडर जारी कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।

फ्लाईओवर की खास बातें:
- कुल लंबाई: 2600 मीटर (2.6 किमी)
- कुल लागत: ₹315 करोड़
- निर्माण एजेंसी: राज्य सेतु निर्माण निगम
- उद्देश्य: हजरतगंज से शहीद पथ तक सीधा संपर्क
- लाभ: ट्रैफिक जाम से राहत, समय और ईंधन की बचत
इस परियोजना से लखनऊ के लोगों को जहां ट्रैफिक से राहत मिलेगी, वहीं पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। शहर की मुख्य सड़कों पर दबाव कम होने से प्रदूषण में कमी आएगी और यात्रा और भी सुगम होगी।
अधिकारियों का कहना है कि यह फ्लाईओवर राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लाएगा और शहर के मध्य से निकलने वाले मार्गों को सुगम बनाएगा।

इस परियोजना से मिलने वाले लाभ
- हजरतगंज जैसे बेहद व्यस्त व केंद्रीय इलाके से सीधे शहीद पथ तक पहुंच संभव हो जाएगी, जिससे ट्रैफिक जाम कम होगा।
- यात्रा समय में कमी आ सकती है जो अब लंबे मार्ग से जाना पड़ता था, वह नया लिंक सीधे संकुचित करेगा।
- ईंधन व वाहन संचालन लागत में बचत होगी और पर्यावरण के लिहाज़ से भी बेहतर होगा क्योंकि वाहन एक जगह जाम में नहीं फँसेंगे।
- शहर के मध्य-भाग से निकलने वाले वाहनों को वैकल्पिक व सुचारु मार्ग मिलेगा, जिससे स्थानीय सड़कों पर दबाव घटेगा।
- गोमती नदी के किनारे विकास व सार्वजनिक पहुँच की संभावनाएँ भी बढ़ेंगी नदीView, बाउंडरी रोड आदि बेहतर हो सकते हैं।
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