Home पॉलिटिक्स दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने दिलाई बड़ी राहत: फेफना जंक्शन पर दो एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को हरी झंडी
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दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने दिलाई बड़ी राहत: फेफना जंक्शन पर दो एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को हरी झंडी

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फेफना जंक्शन के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र “दयालु” के लगातार प्रयासों के बाद अब फेफना जंक्शन पर दो महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को केंद्रीय रेल मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। यह फैसला क्षेत्र के हजारों यात्रियों के लिए राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से फेफना जंक्शन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग कर रहे थे।

सितंबर 2024 में भेजा गया था प्रस्ताव

जनहित को ध्यान में रखते हुए डॉ. दयाशंकर मिश्र “दयालु” ने 6 सितंबर 2024 को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर फेफना जंक्शन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव का अनुरोध किया था। रेल मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए अब इसे मंजूरी दे दी है।

इन दो एक्सप्रेस ट्रेनों का होगा ठहराव

रेल मंत्रालय द्वारा जिन ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दी गई है, वे हैं:

  • 15083 / 15084 – छपरा–फर्रुखाबाद उत्सर्ग एक्सप्रेस
  • 15231 / 15232 – बरौनी–गोंदिया एक्सप्रेस
  • इन ट्रेनों के ठहराव से अब फेफना क्षेत्र के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में काफी सुविधा मिलेगी।

यात्रियों के साथ क्षेत्रीय विकास को भी मिलेगा बढ़ावा

फेफना जंक्शन पर इन ट्रेनों के रुकने से:

  • विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बाहर जाने में सहूलियत
  • व्यापारियों को कारोबार के लिए बेहतर कनेक्टिविटी
  • आम यात्रियों को समय और खर्च दोनों की बचत

साथ ही, इससे क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

डॉ. दयाशंकर मिश्र “दयालु” का बयान

इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. दयाशंकर मिश्र “दयालु” ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि जनता की सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में क्षेत्र की अन्य जरूरतों चाहे वह रेल से जुड़ी हों या अन्य बुनियादी सुविधाओं से उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

सरकार की सक्रियता का उदाहरण

यह फैसला न केवल फेफना जंक्शन के लिए, बल्कि पूरे बलिया जिले के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
यह दिखाता है कि यदि जनप्रतिनिधि लगातार प्रयास करें और मुद्दों को सही मंच तक पहुंचाएं, तो लंबे समय से अटकी मांगें भी पूरी हो सकती हैं।

आगे पढ़िए: एयरपोर्ट पर पति-पत्नी बने नुपुर-स्टेबिन की पहली झलक

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