वाराणसी के प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ धाम परिसर में रंगभरी एकादशी के दौरान कवरेज करने पहुंची एक महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। इस घटना के बाद सुरक्षा में तैनात एसीपी सुरक्षा को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त के आदेश पर एसीपी सुरक्षा को उनके पद से हटाकर मुख्यालय भेज दिया गया है। घटना के बाद पुलिस विभाग ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है। यह मामला तब सामने आया जब रंगभरी एकादशी के अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और मीडिया कर्मी मौजूद थे। इसी दौरान कवरेज कर रही महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
रंगभरी एकादशी के दौरान हुई घटना
दरअसल, काशी विश्वनाथ मंदिर में हर साल रंगभरी एकादशी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर से हजारों श्रद्धालु वाराणसी पहुंचते हैं और मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है। इस बार भी मंदिर परिसर में भारी भीड़ थी और कई मीडिया संस्थानों के पत्रकार वहां से लाइव कवरेज कर रहे थे। इसी दौरान एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि कवरेज के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। बताया जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे अधिकारियों और मीडिया कर्मियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद मामला बढ़ गया।
एसीपी सुरक्षा को तत्काल हटाया गया
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। जांच के बाद सुरक्षा व्यवस्था में लगे एसीपी सुरक्षा अंजनी कुमार राय को उनके पद से हटा दिया गया। पुलिस आयुक्त के आदेश पर उन्हें तत्काल प्रभाव से मुख्यालय भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने लिया संज्ञान
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी पत्रकार या श्रद्धालु के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए जाते हैं, लेकिन इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि सभी के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए।
बटुक से दुर्व्यवहार का भी मामला सामने आया
इसी बीच काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में एक और घटना सामने आई है। बताया गया कि मंदिर में मौजूद एक बटुक के साथ भी एक पुलिसकर्मी द्वारा दुर्व्यवहार किया गया। इस मामले को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। गौरव बंशवाल, जो वाराणसी पुलिस में डीसीपी काशी जोन हैं, उन्होंने बताया कि इस घटना की जांच के बाद संबंधित पुलिसकर्मी को तुरंत सुरक्षा प्वाइंट से हटा दिया गया है।
हेड कांस्टेबल को भी हटाया गया
डीसीपी काशी जोन ने बताया कि इस मामले में गाजीपुर से आए हेड कांस्टेबल संजय यादव को भी सुरक्षा ड्यूटी से हटा दिया गया है। संजय यादव उस समय मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था में तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने मंदिर में मौजूद बटुक के साथ अनुचित व्यवहार किया। घटना सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें ड्यूटी से हटा दिया।
गाजीपुर एसपी को लिखा जाएगा पत्र
डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने बताया कि इस मामले में विभागीय कार्रवाई के लिए गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक को भी पत्र लिखा जाएगा। इस पत्र में पूरी घटना की जानकारी दी जाएगी और संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने का अनुरोध किया जाएगा।
मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
काशी विश्वनाथ धाम देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। विशेष अवसरों जैसे रंगभरी एकादशी, महाशिवरात्रि और सावन के महीने में यहां श्रद्धालुओं की संख्या और भी बढ़ जाती है। इसी कारण इन अवसरों पर मंदिर परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाते हैं। पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान बड़ी संख्या में तैनात रहते हैं।
मीडिया और सुरक्षा के बीच संतुलन जरूरी
मंदिर परिसर में होने वाले बड़े आयोजनों की कवरेज के लिए कई मीडिया संस्थानों के पत्रकार भी पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और मीडिया को काम करने देना दोनों ही प्रशासन के लिए चुनौती बन जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे आयोजनों के दौरान प्रशासन को मीडिया और सुरक्षा के बीच बेहतर समन्वय बनाना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की विवाद की स्थिति न बने।
प्रशासन की सख्ती का संदेश
इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई को एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई भी पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी के दौरान अनुचित व्यवहार करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर की जाएगी। इस घटना के बाद यह भी उम्मीद की जा रही है कि मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर बनाई जाएगी।
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