समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर (X) अकाउंट पर पुलिस कर्मियों को लेकर तीखा कटाक्ष करते हुए लिखा “अब कोई बचाने नहीं आएगा… अब ये पक्षपाती पुलिसकर्मी अकेले में खाली बैठकर याद करेंगे।“ इसके साथ ही अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए लिखा“भाजपा का फ़ार्मूला नंबर 1: पहले इस्तेमाल करो, फिर बर्बाद करो। भाजपा का फ़ार्मूला नंबर 2: भाजपाई किसी के सगे नहीं हैं।” अखिलेश यादव का यह बयान अनुज चौधरी समेत कुछ पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश के बाद सामने आया है, जिसे राजनीतिक हलकों में बेहद अहम माना जा रहा है।
अनुज चौधरी की तस्वीर साझा कर किया तंज
अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से अनुज चौधरी की एक तस्वीर साझा करते हुए टिप्पणी की। इस पोस्ट में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन पुलिस कर्मियों ने सत्ता के दबाव में काम किया, अब वही कार्रवाई की जद में आ रहे हैं। उन्होंने लिखा कि जब सत्ता का संरक्षण खत्म होता है, तब वही लोग अकेले रह जाते हैं, जिन्होंने निष्पक्षता छोड़कर पक्षपात को चुना। इस पोस्ट को राजनीतिक हलकों में काफी अहम माना जा रहा है।
एफआईआर के आदेश पर साधा निशाना
सपा अध्यक्ष का यह कटाक्ष उस समय सामने आया है, जब कुछ पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। अखिलेश यादव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह वही पुलिस अधिकारी हैं, जो पहले सरकार के इशारे पर काम करते थे और अब कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता के दौर में जिन लोगों को यह लगता है कि वे कानून से ऊपर हैं, उन्हें समय रहते समझ लेना चाहिए कि कानून आखिरकार अपना रास्ता खुद बनाता है।
पुलिस की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने अपने बयान में सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लंबे समय से पुलिस का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है और निष्पक्षता पूरी तरह खत्म हो चुकी है। उनका कहना था कि कई पुलिसकर्मी जनता की सेवा के बजाय सत्ता की सेवा में लगे रहे, लेकिन अब जब परिस्थितियां बदल रही हैं, तो वही पुलिसकर्मी खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।
“अब कोई बचाने नहीं आएगा” सियासी संदेश
अखिलेश यादव का यह वाक्य“अब कोई बचाने नहीं आएगा” केवल एक टिप्पणी नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसके ज़रिये सपा प्रमुख यह संकेत देना चाह रहे हैं कि सत्ता स्थायी नहीं होती और जो लोग सत्ता के दुरुपयोग में शामिल होते हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाता है। यह बयान न केवल पुलिसकर्मियों के लिए, बल्कि उन सभी सरकारी अधिकारियों के लिए चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, जो कथित तौर पर राजनीतिक दबाव में काम करते हैं।
“पक्षपाती पुलिसकर्मी खाली बैठकर याद करेंगे”
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि जो पुलिसकर्मी पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते रहे, वे आने वाले समय में खाली बैठकर अपने फैसलों पर पछताएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार बदलने पर सबसे पहले ऐसे ही लोग हाशिए पर चले जाते हैं। उनका आरोप था कि भाजपा सरकार में पुलिस का इस्तेमाल विपक्ष को दबाने और राजनीतिक लाभ के लिए किया गया, जिससे संस्थागत भरोसा कमजोर हुआ।
“भाजपाई किसी के सगे नहीं हैं”
अपने बयान में अखिलेश यादव ने भाजपा पर सीधा हमला करते हुए कहा कि “भाजपाई किसी के सगे नहीं होते।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता में रहते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों का इस्तेमाल तो करती है, लेकिन संकट के समय उन्हें अकेला छोड़ देती है। यह बयान भाजपा और उसके सहयोगियों के लिए तीखा राजनीतिक हमला माना जा रहा है।
सपा का कहना है कि भाजपा केवल अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देती है, न कि उन लोगों को जिन्होंने उसके लिए काम किया।
सोशल मीडिया पर तेज़ प्रतिक्रियाएं
अखिलेश यादव के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। सपा समर्थकों ने उनके बयान का समर्थन करते हुए इसे “सच की आवाज़” बताया, जबकि भाजपा समर्थकों ने इसे राजनीति से प्रेरित बयान करार दिया। कुछ लोगों ने इसे पुलिस प्रशासन के लिए चेतावनी बताया, तो कुछ ने इसे आगामी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना।
भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया की संभावना
हालांकि इस बयान पर भाजपा की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी जल्द ही इसका जवाब दे सकती है। भाजपा पहले भी ऐसे बयानों को “राजनीतिक ड्रामा” और “विपक्ष की हताशा” बता चुकी है। पुलिस विभाग की ओर से भी अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
आगामी राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा बयान
अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज़ हो रही हैं। आने वाले चुनावों को देखते हुए विपक्ष लगातार सरकार की कार्यशैली और प्रशासन पर सवाल उठा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान सपा की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह कानून-व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्षता को बड़ा मुद्दा बनाना चाहती है।
सपा की पुरानी लाइन पर कायम अखिलेश
यह पहली बार नहीं है जब अखिलेश यादव ने पुलिस प्रशासन और भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हों। इससे पहले भी वे कई बार आरोप लगा चुके हैं कि प्रदेश में कानून का राज नहीं, बल्कि सत्ता का राज चल रहा है। सपा लगातार यह दावा करती रही है कि यदि वह सत्ता में आती है, तो पुलिस व्यवस्था को निष्पक्ष और जवाबदेह बनाया जाएगा।
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