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ATS की गिरफ्त में फरहान, क्या अब सामने आएंगे उसके विदेशी नेटवर्क के राज़?

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एटीएस की गिरफ्त में फरहान विदेशी फंडिंग और बांग्लादेशी घुसपैठियों को पनाह देने के आरोप में दिल्ली निवासी की गिरफ्तारी, जांच में 11 करोड़ की अंतरराष्ट्रीय फंडिंग का खुलासा।
विदेश से 11 करोड़ की फंडिंग, बांग्लादेशी घुसपैठियों को पनाह देने का आरोप फरहान की गिरफ्तारी ने खोले विदेशी नेटवर्क के कई राज़!
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गौतमबुद्धनगर: उत्तर प्रदेश की एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने विदेशी फंडिंग और संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में दिल्ली निवासी फरहान को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि फरहान ने विदेश से करीब 11 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई थी, जिसका इस्तेमाल संदिग्ध उद्देश्यों के लिए किया गया।

सूत्रों के अनुसार, फरहान इस्तांबुल इंटरनेशनल कंपनी समेत कई अन्य कंपनियों का संचालन कर रहा था, जिनके जरिए फर्जी व्यापारिक लेन-देन दिखाकर यह रकम भारत लाई गई। जांच एजेंसियों को शक है कि इस रकम का एक हिस्सा बांग्लादेशी घुसपैठियों को पनाह देने और नेटवर्क मजबूत करने में इस्तेमाल किया गया।

ATS की जांच में क्या सामने आया?

गौतमबुद्धनगर से गिरफ्तार फरहान के मोबाइल, लैपटॉप और बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड की गहन जांच चल रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि फंडिंग दुबई, तुर्की और मलेशिया जैसे देशों से हुई।
एजेंसियां फरहान के संपर्क में रहे कुछ अन्य सहयोगियों की भी तलाश कर रही हैं, जो विदेशों में रह रहे हैं।

ATS अधिकारियों का बयान

ATS अधिकारियों ने बताया कि फरहान के खिलाफ विदेशी मुद्रा कानून और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। उसका नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है और अब उसके करीबियों की तलाश में टीमें दिल्ली, नोएडा और मेरठ में छापेमारी कर रही हैं।

विदेशी फंडिंग का जाल कितना बड़ा?

जांच में सामने आया है कि फरहान ने अपनी कंपनियों के माध्यम से न सिर्फ पैसों का लेनदेन किया बल्कि फर्जी डॉक्यूमेंट्स और शेल कंपनियों का इस्तेमाल करके जांच एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश की।
ATS अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह फंडिंग किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन या आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी थी या नहीं।

कड़ी कार्रवाई की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, ATS जल्द ही फरहान के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत भी कार्रवाई की सिफारिश कर सकती है। वहीं, उसके सभी बैंक खातों और संपत्तियों को भी फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

फरहान की गिरफ्तारी के बाद अब ATS के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है क्या यह केवल आर्थिक अपराध है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क छिपा है? आने वाले दिनों में ATS की जांच से साफ होगा कि विदेशी फंडिंग का यह खेल सिर्फ धन शोधन तक सीमित था या देश की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर खतरा।

आगे पढ़िए : शादी की रस्मों के बीच कैसे हुई दूल्हे की अचानक मौत?

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