केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट है। बजट भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ‘विकसित भारत’ की दिशा में मजबूत और भरोसेमंद कदम उठाती रहेगी।
उन्होंने कहा कि यह बजट युवा शक्ति से प्रेरित है और इसका फोकस गरीबों, हाशिए पर खड़े वर्गों, महिलाओं और किसानों तक विकास का लाभ पहुंचाने पर है। यह बजट कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट भी है।
“सरकार के तीन कर्तव्य” – वित्त मंत्री
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में सरकार के तीन प्रमुख कर्तव्यों को रेखांकित किया-
- आर्थिक विकास को तेज और सतत बनाए रखना
- लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं का विकास करना
- सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर समावेशी विकास सुनिश्चित करना
उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों को पाने के लिए ढांचागत सुधार, कुशल पूंजी आवंटन और एआई व उन्नत तकनीकों को सुशासन में शामिल करना जरूरी है
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत का भरोसा
निर्मला सीतारमण ने कहा कि वैश्विक स्तर पर व्यापार और बहुपक्षवाद दबाव में है, लेकिन नई तकनीकें उत्पादन प्रणालियों को बदल रही हैं। ऐसे समय में भारत वैश्विक बाजारों से और गहराई से जुड़ेगा और निर्यात बढ़ाने पर जोर देगा।
350 से ज्यादा सुधार, ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ रफ्तार में
वित्त मंत्री ने बताया कि रोजगार सृजन और आर्थिक गति बढ़ाने के लिए सरकार ने 350 से अधिक आर्थिक सुधार लागू किए हैं।
इनमें शामिल हैं-
- जीएसटी का सरलीकरण
- श्रम संहिताओं की अधिसूचना
- केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय के लिए उच्चस्तरीय समितियां
उन्होंने कहा कि “रिफॉर्म एक्सप्रेस अपने मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रही है।”
7% विकास दर और गरीबी में कमी
बजट भाषण की शुरुआत में उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों की वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने स्थिर अर्थव्यवस्था बनाए रखी। आत्मनिर्भरता पर जोर, आयात निर्भरता में कमी और कृषि उत्पादकता बढ़ाने से 7 प्रतिशत विकास दर हासिल की गई, जिससे गरीबी उन्मूलन और जीवन स्तर में सुधार संभव हुआ।
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