Home उत्तर प्रदेश जेपीएनआईसी विवाद: LDA दफ्तर पहुँचा सपा का प्रतिनिधिमंडल, VC न मिलने से खाली हाथ लौटी टीम
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जेपीएनआईसी विवाद: LDA दफ्तर पहुँचा सपा का प्रतिनिधिमंडल, VC न मिलने से खाली हाथ लौटी टीम

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गोमती नगर स्थित जेपीएनआईसी (जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) के उपयोग को लेकर एक बार फिर राजनीति गरमा गई है। इसी मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (सपा) का 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) कार्यालय पहुँचा। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य एलडीए के उपाध्यक्ष (VC) से मुलाकात कर जेपीएनआईसी के बेहतर उपयोग को लेकर ज्ञापन सौंपना था। हालांकि, एलडीए वीसी के कार्यालय में अनुपस्थित रहने के कारण प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात नहीं हो सकी और उन्हें बिना ज्ञापन सौंपे ही वापस लौटना पड़ा।

फाकिर सिद्दीकी के नेतृत्व में पहुँचा सपा प्रतिनिधिमंडल

यह प्रतिनिधिमंडल लखनऊ महानगर अध्यक्ष फाकिर सिद्दीकी के नेतृत्व में एलडीए कार्यालय पहुँचा था। उनके साथ समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, पार्षद और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी का उद्देश्य साफ था जेपीएनआईसी को सिर्फ पार्किंग स्थल तक सीमित न रखकर, उसे सार्वजनिक उपयोग और सामाजिक गतिविधियों के लिए खोला जाए। फाकिर सिद्दीकी ने कहा कि,

“जेपीएनआईसी लखनऊ की एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्ति है। इसे सिर्फ पार्किंग तक सीमित रखना जनता के साथ अन्याय है। इसका उपयोग सांस्कृतिक, सामाजिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए होना चाहिए।”

ज्ञापन सौंपने के लिए किया लंबा इंतजार

प्रतिनिधिमंडल सुबह से ही एलडीए कार्यालय में वीसी से मिलने का इंतजार करता रहा। कई घंटों तक कार्यालय में मौजूद रहने के बावजूद जब यह स्पष्ट हो गया कि वीसी उस दिन कार्यालय नहीं आएंगे, तो प्रतिनिधिमंडल ने निराशा जाहिर की। सपा नेताओं का कहना था कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुँचाना चाहते थे, लेकिन मुलाकात न हो पाने से जनता की आवाज दबाई जा रही है।

जेपीएनआईसी को लेकर क्यों है विवाद?

जेपीएनआईसी (जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) लखनऊ के गोमती नगर इलाके में स्थित एक बहुउद्देश्यीय आधुनिक भवन है। इसे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन केंद्र, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया गया था। लेकिन हाल के वर्षों में इसका उपयोग मुख्य रूप से पार्किंग स्थल के तौर पर किया जा रहा है, जिससे इसके मूल उद्देश्य पर सवाल उठ रहे हैं।

सपा नेताओं का कहना है कि

  • यह भवन जनता के पैसों से बना है
  • इसका उपयोग सिर्फ वाहनों की पार्किंग के लिए करना सार्वजनिक संसाधनों की बर्बादी है
  • इसे फिर से सम्मेलन, प्रदर्शनियों, सेमिनार और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए खोला जाना चाहिए

सपा की प्रमुख मांगें क्या हैं?

प्रतिनिधिमंडल एलडीए वीसी को जो ज्ञापन सौंपना चाहता था, उसमें मुख्य रूप से ये मांगें शामिल थीं:

  1. जेपीएनआईसी को पूरी तरह सक्रिय किया जाए
  2. इसे केवल पार्किंग स्थल न बनाकर सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए खोला जाए
  3. यहां सांस्कृतिक, सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित हों
  4. भवन के रख-रखाव और संचालन में पारदर्शिता बरती जाए

सपा नेताओं का कहना है कि अगर प्रशासन ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो पार्टी आंदोलन तेज करने पर मजबूर होगी।

VC की गैरमौजूदगी पर सपा का तीखा रुख

एलडीए वीसी की गैरहाजिरी को लेकर सपा नेताओं ने नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि यदि पहले से जानकारी होती, तो प्रतिनिधिमंडल को अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ता। फाकिर सिद्दीकी ने कहा,

“हम जनता की आवाज लेकर आए थे, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण हमें खाली हाथ लौटना पड़ा। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”

क्या आगे होगा आंदोलन?

सपा पदाधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि जल्द ही जेपीएनआईसी के उपयोग को लेकर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर सकती है। उन्होंने कहा कि

  • यह मुद्दा केवल राजनीति का नहीं
  • बल्कि लखनऊ की जनता के अधिकारों से जुड़ा मामला है
  • प्रशासन को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए

राजनीतिक हलकों में तेज हुई चर्चा

इस घटनाक्रम के बाद लखनऊ के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विपक्ष इसे सरकार की उदासीनता बता रहा है, जबकि प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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