उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बीकेटी (बख्शी का तालाब) इलाके में शुक्रवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। संदिग्ध वाहन का पीछा करते समय एसीपी ज्ञानेंद्र सिंह की सरकारी गाड़ी बीच सड़क पर खड़ी एक इनोवा कार से टकरा गई, जिससे एसीपी समेत उनके हमराही पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा बीकेटी-सीतापुर हाईवे पर हुआ, जहां तेज रफ्तार में पीछा कर रही पुलिस की गाड़ी अचानक सामने खड़ी इनोवा से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सरकारी वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
संदिग्ध गाड़ी का पीछा करते समय हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसीपी ज्ञानेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ एक संदिग्ध वाहन का पीछा कर रहे थे। इसी दौरान बीकेटी थाना क्षेत्र में बीच सड़क पर खड़ी इनोवा कार अचानक सामने आ गई, जिससे उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर उससे टकरा गई। घटना इतनी अचानक हुई कि ड्राइवर को संभलने का मौका नहीं मिल सका। तेज रफ्तार होने के कारण टक्कर काफी तेज थी।
एसीपी समेत दो पुलिसकर्मी घायल
हादसे में एसीपी ज्ञानेंद्र सिंह और उनके हमराही पुलिसकर्मी घनश्याम सिंह घायल हो गए। दोनों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर बताई गई। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों को हल्की से मध्यम चोटें आई हैं और फिलहाल खतरे से बाहर हैं। इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
अस्पताल में भर्ती, इलाज के बाद छुट्टी
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों की टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया और जरूरी मेडिकल जांच के बाद उन्हें कुछ घंटों के भीतर डिस्चार्ज कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों की हालत अब पूरी तरह स्थिर है।
सरकारी वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त
हादसे में एसीपी की सरकारी गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। वाहन का आगे का हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया, जबकि एयरबैग खुलने से बड़ा नुकसान टल गया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को क्रेन की मदद से सड़क से हटवाया, जिससे यातायात सामान्य हो सका।
हादसे की जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि:
- इनोवा कार बीच सड़क पर क्यों खड़ी थी?
- क्या यह जानबूझकर रास्ता रोकने की कोशिश थी?
- कहीं इसमें किसी साजिश की आशंका तो नहीं?
सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
आरोपियों की तलाश तेज
जिस संदिग्ध वाहन का पीछा किया जा रहा था, उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं। आसपास के इलाकों में नाकेबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
इस बड़े हादसे के बाद पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत घटना की रिपोर्ट तलब की और मौके की स्थिति का जायजा लिया। सूत्रों के मुताबिक, डीसीपी स्तर के अधिकारियों ने भी पूरे घटनाक्रम की निगरानी शुरू कर दी है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?
मौके पर मौजूद चश्मदीदों के अनुसार, पुलिस की गाड़ी तेज रफ्तार में थी और अचानक सामने खड़ी इनोवा से टकरा गई। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घबरा गए। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “टक्कर बहुत जोरदार थी, गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। शुक्र है कि कोई जानमाल का बड़ा नुकसान नहीं हुआ।”
सीतापुर हाईवे पर यातायात बाधित
हादसे के बाद कुछ समय के लिए बीकेटी-सीतापुर हाईवे पर यातायात बाधित रहा। पुलिस ने क्रेन की मदद से दोनों वाहनों को हटवाकर रास्ता साफ कराया, जिसके बाद ट्रैफिक सामान्य हो सका।
विशेषज्ञों की राय: हाईवे पर सावधानी जरूरी
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे पर पीछा करते समय अतिरिक्त सतर्कता बेहद जरूरी होती है। अचानक खड़े वाहन या अवरोध गंभीर हादसों का कारण बन सकते हैं।
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