महाराष्ट्र में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 100 उठक-बैठक की सज़ा एक लड़की की जान ले गई। परिवार का कहना है कि घटना से पहले लड़की लगातार दर्द में थी और बार-बार बताया भी था कि वह शारीरिक रूप से यह दंड सहने की स्थिति में नहीं है। लेकिन कथित रूप से दबाव डालकर उससे 100 उठक-बैठक कराई गई, जिसके कुछ समय बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और मौत हो गई।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, लड़की को किसी गलती की वजह से ‘सज़ा’ के तौर पर 100 उठक-बैठक कराने का आरोप लगा है। परिजनों ने बताया कि जैसे-जैसे वह उठक-बैठक कर रही थी, उसकी तबीयत खराब होती जा रही थी। उसने कई बार दर्द और सांस फूलने की शिकायत की, लेकिन उसे रोकने की बजाय और जारी रखने को कहा गया।

दर्द में तड़पती रही, फिर चली गई जान
परिजन बताते हैं कि दंड पूरा करने के कुछ देर बाद ही लड़की अचानक गिर पड़ी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का आरोप है कि अत्यधिक शारीरिक दबाव और दर्द ही मौत का कारण बना।
पुलिस ने किया केस दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि लड़की को सज़ा देने के पीछे की वजह क्या थी, कौन-कौन लोग इसमें शामिल थे, और किस परिस्थिति में उसे 100 उठक-बैठक कराई गईं।
परिवार में मातम, इलाके में गुस्सा
लड़की की मौत से परिवार सदमे में है। स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर गुस्सा है और वे जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है, ताकि मौत के असली कारण का पता लगाया जा सके। साथ ही, लड़की को यह सज़ा क्यों और किसने दी, इसकी भी गहराई से जांच की जा रही है। यह घटना एक बार फिर सवाल उठाती है कि अनुशासन के नाम पर किसी पर शारीरिक दंड थोपना कहीं न कहीं जानलेवा भी साबित हो सकता है।
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