थाईलैंड से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। देश में बुधवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा हुआ, जिसमें अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 30 लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह हादसा उस समय हुआ जब बैंकॉक से थाईलैंड के उत्तर-पश्चिमी प्रांत की ओर जा रही एक यात्री ट्रेन पर निर्माणाधीन साइट की भारी-भरकम क्रेन गिर गई। क्रेन के गिरते ही ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई और मौके पर चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
यह दुर्घटना सिखियो जिले में हुई, जो थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक से लगभग 230 किलोमीटर दूर स्थित है। हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और राहत एवं बचाव कार्य के लिए प्रशासन को तत्काल मौके पर उतरना पड़ा।
सुबह के समय हुआ हादसा, यात्रियों से भरी थी ट्रेन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना बुधवार की सुबह उस समय हुई जब अधिकांश यात्री अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। ट्रेन बैंकॉक से चलकर उत्तर-पश्चिमी प्रांत की ओर जा रही थी और रास्ते में सिखियो जिले से गुजर रही थी। इसी दौरान रेलवे ट्रैक के पास चल रहे एक निर्माण कार्य की साइट पर खड़ी एक विशाल क्रेन अचानक संतुलन खो बैठी और सीधे चलती ट्रेन पर गिर गई। क्रेन के गिरते ही तेज धमाके की आवाज सुनाई दी, जिससे ट्रेन के कई डिब्बे एक-दूसरे से टकराते हुए पटरी से उतर गए। कुछ डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कई यात्री अंदर ही फंस गए।
हादसे के बाद मचा हाहाकार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन में सवार यात्रियों में चीख-पुकार शुरू हो गई। कई लोग घायल अवस्था में ट्रेन से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे, जबकि कुछ यात्री डिब्बों के अंदर फंसे रह गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी। कुछ स्थानीय नागरिकों ने भी अपनी जान जोखिम में डालकर घायलों को बाहर निकालने में मदद की। कई यात्रियों को गंभीर चोटें आईं, जिनमें सिर, रीढ़ और पैरों में गंभीर फ्रैक्चर शामिल हैं।
22 लोगों की मौत की पुष्टि, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
प्रशासन द्वारा जारी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस भयावह हादसे में अब तक 22 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि, कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसके चलते मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कई लोगों को आईसीयू में रखा गया है और उनका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है।

राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर
हादसे की सूचना मिलते ही थाईलैंड की आपातकालीन सेवाएं, पुलिस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत एवं बचाव कार्य को युद्धस्तर पर चलाया गया। क्रेन और ट्रेन के क्षतिग्रस्त डिब्बों को काटकर अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया।
भारी मलबे के कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बड़े-बड़े क्रेन और हाइड्रोलिक कटर की मदद से डिब्बों को अलग किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद स्थिति को कुछ हद तक नियंत्रण में लाया जा सका।
निर्माणाधीन साइट की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद निर्माणाधीन साइट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस क्रेन के गिरने से यह दुर्घटना हुई, वह रेलवे ट्रैक के बेहद नजदीक स्थापित थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया गया होता, तो इस तरह की बड़ी दुर्घटना को टाला जा सकता था। यह भी जांच का विषय है कि क्रेन को स्थापित करते समय क्या आवश्यक अनुमति ली गई थी और क्या रेलवे प्रशासन को इसकी जानकारी थी।
सरकार ने दिए जांच के आदेश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए थाईलैंड सरकार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हादसे के कारणों की गहराई से जांच की जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे विभाग और निर्माण एजेंसी दोनों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। सरकार ने पीड़ितों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता देने का भी आश्वासन दिया है।
मृतकों के परिवारों में मातम
इस हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। कई परिवारों को सुबह-सुबह अपने प्रियजनों की मौत की खबर मिली, जिससे वे सदमे में हैं। अस्पतालों के बाहर परिजनों की भीड़ देखी जा रही है, जहां लोग अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की घोषणा भी की जा सकती है, हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
रेल सेवाएं प्रभावित, यात्रियों को हुई भारी परेशानी
हादसे के बाद उस रूट पर रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि कुछ को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा है। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेनों की स्थिति की जानकारी अवश्य ले लें।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जताया जा रहा शोक
इस भयावह हादसे पर कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी लोग मृतकों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
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