उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी 2026 से शुरू होने जा रहा है, जो 20 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस दौरान योगी सरकार प्रदेश के विकास, योजनाओं और आर्थिक दिशा तय करने वाला वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेगी। बजट सत्र के पहले दिन यानी 9 फरवरी को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण होगा, जिसमें सरकार की उपलब्धियां, भविष्य की योजनाएं और नीतिगत प्राथमिकताएं सदन के सामने रखी जाएंगी।
सुबह 11 बजे होगा राज्यपाल का अभिभाषण
विधानसभा सचिवालय से मिली जानकारी के अनुसार, 9 फरवरी को सुबह 11 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगी। इस अभिभाषण में सरकार की बीते एक वर्ष की उपलब्धियों के साथ-साथ आने वाले समय की कार्ययोजना और प्राथमिकताओं को रेखांकित किया जाएगा। राज्यपाल का अभिभाषण बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत माना जाता है।
10 फरवरी को पढ़े जाएंगे शोक प्रस्ताव
10 फरवरी को सदन में दिवंगत नेताओं और प्रमुख व्यक्तित्वों के निधन पर शोक प्रस्ताव पढ़े जाएंगे। इस दौरान हाल ही में दिवंगत हुए जनप्रतिनिधियों और अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी।
11 फरवरी को पेश होगा यूपी का बजट 2026-27
बजट सत्र का सबसे अहम दिन 11 फरवरी होगा, जब वित्त मंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेंगे। यह बजट विधानसभा और विधान परिषद, दोनों सदनों में पेश किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस बजट में:
- बुनियादी ढांचे
- शिक्षा
- स्वास्थ्य
- कृषि
- रोजगार
- महिला सशक्तिकरण
- युवाओं के लिए योजनाएं
पर विशेष फोकस रहेगा।
योगी सरकार का 2026-27 का बजट: क्या हो सकती हैं खास घोषणाएं?
सूत्रों के अनुसार, योगी सरकार का यह बजट प्रदेश के विकास को नई गति देने वाला हो सकता है। इसमें:
- स्मार्ट सिटी परियोजनाओं
- एक्सप्रेसवे विस्तार
- मेट्रो परियोजनाएं
- ग्रामीण विकास
- किसानों के लिए नई योजनाएं
- स्टार्टअप और स्वरोजगार
जैसे क्षेत्रों के लिए बड़े प्रावधान किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले का बेहद अहम बजट माना जा रहा है, इसलिए इसमें जनहित योजनाओं पर खास जोर रहेगा।
दोनों सदनों में पेश होगा बजट
परंपरा के अनुसार, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना पहले विधानसभा में बजट भाषण देंगे, इसके बाद विधान परिषद में भी बजट पेश किया जाएगा। इस दौरान सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष की निगाहें भी इस बजट पर टिकी रहेंगी। विपक्ष सरकार से महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और किसानों की समस्याओं पर ठोस घोषणाओं की उम्मीद कर रहा है।
16 से 20 फरवरी तक होगी बजट पर चर्चा
16 फरवरी से 20 फरवरी तक बजट पर विस्तृत चर्चा होगी। इस दौरान सभी राजनीतिक दलों के विधायक और विधान परिषद सदस्य:
- बजट के प्रावधानों पर सवाल उठाएंगे
- सुझाव देंगे
- कटौती प्रस्ताव लाएंगे
इसके बाद सरकार की ओर से इन पर जवाब दिया जाएगा।
विपक्ष ने कसी कमर
बजट सत्र को लेकर विपक्ष ने भी पूरी तैयारी कर ली है। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार को:
- कानून व्यवस्था
- बेरोजगारी
- महंगाई
- किसानों की आय
- शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था
जैसे मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना रहे हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बजट सत्र के दौरान विधानसभा परिसर और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहेगा। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की जाएगी और यातायात व्यवस्था में भी आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।
जनता की निगाहें बजट पर
प्रदेश की जनता को इस बजट से बड़ी उम्मीदें हैं।
- किसानों को राहत
- युवाओं के लिए रोजगार
- महिलाओं के लिए नई योजनाएं
- महंगाई से राहत
जैसे मुद्दों पर घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है।
विशेषज्ञों की राय
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि योगी सरकार का यह बजट उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है। यदि निवेश, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे पर फोकस किया गया तो प्रदेश की ग्रोथ रेट और रोजगार के अवसर दोनों में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
राजनीतिक दृष्टि से क्यों अहम है यह बजट?
यह बजट राजनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि:
- यह चुनाव से पहले का आखिरी पूर्ण बजट है
- सरकार अपनी उपलब्धियों को मजबूत आधार देने की कोशिश करेगी
- विपक्ष इसे सरकार की नाकामी साबित करने का मंच बनाएगा
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