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डॉ. शाहीन गैंग की साजिश उजागर- UP के पाँच शहरों में धमाकों के लिए खरीदी थीं 2 कारें

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फरीदाबाद में बरामद हुए विस्फोटक और दिल्ली ब्लास्ट कांड की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। जांच एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किए गए डॉक्टर शाहीन के मॉड्यूल को लेकर अब पता चला है कि गैंग ने कानपुर से दो कारें खरीदी थीं, जिनका इस्तेमाल यूपी के कई बड़े शहरों में धमाके करने की साजिश में किया जाना था।

सूत्रों के अनुसार, शाहीन मॉड्यूल ने कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज को निशाना बनाते हुए एक श्रृंखलाबद्ध धमाकों की योजना बनाई थी। इन धमाकों को अंजाम देने के लिए कारों में विस्फोटक फिट करने की तैयारी चल रही थी। फरीदाबाद में पकड़े गए विस्फोटक इसी नेटवर्क का हिस्सा माने जा रहे हैं।

जांच अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार डॉक्टर शाहीन और उनके साथियों ने कई शहरों में रेकी की थी और स्थानीय संपर्क भी बनाए थे। कारों की खरीद इसी ऑपरेशन को आगे बढ़ाने के लिए की गई थी, ताकि धमाकों को सड़क मार्ग से अंजाम दिया जा सके और घटना के बाद भाग निकलने का रास्ता भी तैयार रहे।

एजेंसियों ने कारों की खरीद, लेन-देन और लोकेशन से जुड़े कई डिजिटल सबूत भी हासिल किए हैं। कारों को अलग-अलग पहचान देने और नंबर प्लेट बदलने जैसी तैयारियाँ भी सामने आई हैं। इससे स्पष्ट होता है कि पूरी योजना लंबे समय से चल रही थी और पूरी तरह प्रोफेशनल तरीके से तैयार की गई थी।

फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि शाहीन मॉड्यूल के पीछे कौन-सा बड़ा नेटवर्क सक्रिय है और विस्फोटक कहां-कहां पहुंचाए गए। यूपी के पाँचों शहरों में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है, साथ ही संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ हो रहा है कि यदि समय रहते इस साजिश का पर्दाफाश नहीं होता, तो यूपी के कई शहर बड़े आतंकी हमलों की चपेट में आ सकते थे। Authorities आशंका जता रही हैं कि गैंग के कुछ सदस्य अब भी फरार हो सकते हैं, जिनकी तलाश में विशेष टीमें जुटी हैं।

यह केस अब देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए प्राथमिकता बन चुका है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की उम्मीद है।

डॉ. शाहीन गैंग की बड़ी साजिश का पर्दाफाश, कानपुर से खरीदी गईं दो कारें, यूपी के पाँच शहर बने थे निशाना

फरीदाबाद में बरामद हुए विस्फोटकों और दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुँच चुकी है। जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि गिरफ्तार डॉक्टर शाहीन और उनके मॉड्यूल ने कानपुर से दो कारें खरीदी थीं, जिनका इस्तेमाल उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और भीड़भाड़ वाले शहरों में धमाकों के लिए किया जाना था।

किस-किस शहर को बनाया गया था टारगेट?

सूत्रों के मुताबिक, मॉड्यूल ने कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज में बड़े धमाके करने की योजना बनाई थी। इन सभी शहरों में या तो धार्मिक महत्व के स्थान हैं या अत्यधिक भीड़भाड़, जिसके कारण संभावित हमले से भारी जनहानि हो सकती थी।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गैंग ने इन शहरों में पिछले कई महीनों से रेकी (Surveillance) की थी। कई सार्वजनिक स्थलों, भीड़भाड़ वाले बाज़ारों, धार्मिक स्थलों और सरकारी संस्थानों को संभावित लक्ष्य के तौर पर सूचीबद्ध किया गया था।


कारों का इस्तेमाल कैसे होने वाला था?

एजेंसियों ने बताया कि कानपुर में खरीदी गई दोनों कारों को ब्लास्ट कैरियर की तरह इस्तेमाल करने की योजना थी। इनमें IED फिट किए जाने थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि:

  • कारों की नकली नंबर प्लेट तैयार की गई थीं।
  • कारों के चेसिस नंबर छिपाने की तैयारी चल रही थी।
  • कारों को अलग-अलग शहरों में भेजने के लिए साइलेंट नेटवर्क सक्रिय था।
  • IED को रिमोट-ऑपरेटेड बनाने की प्लानिंग भी चल रही थी।
फरीदाबाद में क्या मिला था?

फरीदाबाद में पकड़े गए विस्फोटक उसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा बताये जा रहे हैं। इनमें शामिल था:

  • उच्च क्षमता वाला IED बनाने वाली सामग्री
  • डेटोनेटर
  • टाइमर
  • बैटरी और वायर
  • नक्शे और लोकेशन मार्कर

इन सामानों को देखकर एजेंसियों ने माना कि मॉड्यूल कई बड़े धमाकों को एक ही दिन अंजाम देने की योजना में था।

कौन है डॉक्टर शाहीन?

जांच में पता चला है कि:

  • शाहीन पेशे से डॉक्टर है, लेकिन पिछले कुछ सालों में कट्टरपंथी मॉड्यूल से जुड़ा।
  • कई संदिग्धों से डिजिटल लेन-देन के सबूत मिले हैं।
  • शाहीन ने कई शहरों की यात्रा की, जिनमें अधिकांश वही शहर हैं जिन्हें ब्लास्ट के लिए चुना गया था।
  • शाहीन के मोबाइल और लैपटॉप से एन्क्रिप्टेड चैट, लोकेशन मैप और वीडियो बरामद हुए हैं।
उत्तर भारत में एक बड़े नेटवर्क की आशंका

सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि शाहीन और उसका मॉड्यूल अकेला नहीं था। इसके पीछे

  • फंडिंग नेटवर्क
  • लॉजिस्टिक सपोर्ट टीम
  • टेक्निकल टीम
  • और ग्राउंड-लेवल सपोर्टर्स

शामिल हो सकते हैं।

कई अन्य राज्यों में भी रेड की जा रही हैं, ताकि नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचा जा सके।

UP के इन शहरों में हाई अलर्ट

खतरे को देखते हुए यूपी पुलिस ने टारगेट किए गए 5 शहरों – लखनऊ, अयोध्या, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में सुरक्षा बढ़ा दी है।

  • रेलवे स्टेशन
  • बस स्टैंड
  • धार्मिक स्थल
  • बाजार
  • गंगा घाट

पर अतिरिक्त पुलिस और ATS की टीमें तैनात की गई हैं।

क्या बड़ा हमला टल गया?

जांच अधिकारियों का कहना है कि यदि कारें और विस्फोटक समय रहते न पकड़े जाते, तो उत्तर प्रदेश में बड़ा और श्रृंखलाबद्ध आतंकी हमला हो सकता था।इस साजिश का वक्त भी महत्वपूर्ण था, कई त्योहारों और धार्मिक आयोजनों का समय नजदीक था, जिससे भीड़ अधिक रहती है।

आगे पढ़िए : महीनों बाद पोतियों से मिलीं कुनिका, बेटे ने लगाया गले, भावुक पल में फूट पड़ीं आँसू

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