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‘एक देश, एक संविधान’ पर फिर छिड़ी बहस, PM मोदी के बयान पर BJP की प्रतिक्रिया

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Man in a green polo being interviewed; white wall, plant on left, red Hindi news ticker across the bottom, The Journalist News logo top-right.
Source: IANS
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The Journalist News (Lucknow): प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा डॉ. Syama Prasad Mookerjee के प्रसिद्ध नारे “एक देश में दो निशान, दो प्रधान और दो संविधान नहीं चलेंगे” का उल्लेख किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे अपनी विचारधारा और जम्मू-कश्मीर की एकता के प्रति प्रतिबद्धता से जोड़ा है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता Guru Prakash ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की एकता और अखंडता के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता नई नहीं है। उनके अनुसार, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था और उनका योगदान आज भी पार्टी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

क्या कहा बीजेपी प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने?

गुरु प्रकाश ने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नारे का उल्लेख भाजपा की लंबे समय से चली आ रही वैचारिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा से जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग मानती रही है और राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता उसके मूल सिद्धांतों में शामिल है। उनके अनुसार, डॉ. मुखर्जी ने इसी उद्देश्य के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।

Source: IANS

‘एक देश, दो निशान नहीं’ नारे का क्या है महत्व?

“एक देश में दो निशान, दो प्रधान और दो संविधान नहीं चलेंगे” का नारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी से जुड़ा हुआ माना जाता है। यह नारा जम्मू-कश्मीर की तत्कालीन विशेष संवैधानिक व्यवस्था के विरोध के संदर्भ में दिया गया था भाजपा लंबे समय से इस नारे को राष्ट्रीय एकता और समान संवैधानिक व्यवस्था के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करती रही है। पार्टी का कहना है कि यह विचार देश की अखंडता और समान नागरिक व्यवस्था के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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पीएम मोदी ने क्यों किया जिक्र?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के इस नारे का उल्लेख करते हुए उनके योगदान को याद किया। इसके बाद भाजपा नेताओं ने भी इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी की विचारधारा वर्षों से राष्ट्रीय एकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रही है। हालांकि, इस बयान पर विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।

जम्मू-कश्मीर की एकता पर बीजेपी का रुख

भाजपा का कहना है कि जम्मू-कश्मीर की एकता और अखंडता को लेकर उसका रुख हमेशा स्पष्ट रहा है। पार्टी के अनुसार, राष्ट्रीय हित और देश की संप्रभुता सर्वोपरि हैं और इसी सोच के तहत उसने वर्षों तक इस मुद्दे को उठाया। गुरु प्रकाश ने कहा कि पार्टी की यह प्रतिबद्धता किसी हालिया राजनीतिक घटना का परिणाम नहीं, बल्कि लंबे समय से उसकी वैचारिक सोच का हिस्सा रही है।

राजनीतिक और वैचारिक महत्व

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का उल्लेख भाजपा के लिए केवल ऐतिहासिक संदर्भ नहीं, बल्कि उसकी वैचारिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। वहीं, इस विषय पर अलग-अलग राजनीतिक दलों की अपनी-अपनी राय हो सकती है। ऐसे मुद्दों पर संसद और सार्वजनिक मंचों पर समय-समय पर चर्चा होती रही है।

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