The Journalist News (Lucknow): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची (Sanae Takaichi) के साथ संयुक्त प्रेस बयान के दौरान भारत और जापान के संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत बनकर उभरा है और भारत-जापान की साझेदारी इस भरोसे की मिसाल पेश करती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ ही दिन पहले G7 शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा था कि वैश्विक अस्थिरता के इस दौर में देशों के बीच पारस्परिक विश्वास सबसे बड़ी रणनीतिक पूंजी है। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के रिश्ते इस विचार को पूरी तरह चरितार्थ करते हैं।
दशकों से भारत के विकास में जापान का योगदान
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कई दशकों में जापान ने भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, विनिर्माण और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में जापानी कंपनियों के निवेश और सहयोग ने भारत की आर्थिक प्रगति को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच वर्षों से विश्वास और मित्रता का जो मजबूत रिश्ता बना है, वही आज विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत है।

नई यात्रा की शुरुआत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची की भारत यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस यात्रा के दौरान लिए गए निर्णय भविष्य में दोनों देशों के सहयोग को और अधिक मजबूत बनाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत और जापान केवल आर्थिक साझेदार ही नहीं, बल्कि साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, शांति, स्थिरता और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के समर्थक भी हैं।
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रणनीतिक सहयोग पर जोर
भारत और जापान के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, समुद्री सुरक्षा, तकनीक, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, डिजिटल नवाचार और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है। दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए भी मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी एशिया-प्रशांत क्षेत्र में संतुलन और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
निवेश और तकनीकी सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने निवेश, उच्च तकनीक, विनिर्माण, स्टार्टअप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। भारत सरकार लंबे समय से जापानी निवेश को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहल कर रही है, जबकि जापान भारत को एक महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार के रूप में देखता है।
वैश्विक चुनौतियों पर साझा दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में लोकतांत्रिक देशों के बीच भरोसा, सहयोग और साझा प्रयास पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत और जापान भविष्य में भी वैश्विक शांति, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मिलकर कार्य करते रहेंगे।
संबंधों को मिलेगी नई दिशा
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची की यात्रा केवल एक औपचारिक राजनयिक मुलाकात नहीं है, बल्कि यह भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का अवसर भी है। दोनों देशों के बीच वर्षों से चली आ रही मित्रता और सहयोग आने वाले समय में व्यापार, निवेश, तकनीक और रणनीतिक साझेदारी के नए आयाम स्थापित कर सकता है। भारत और जापान के बीच बढ़ता सहयोग न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता और वैश्विक आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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