The Journalist News (Lucknow): बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन की आगामी फिल्म ‘चौहान’ का टीज़र रिलीज़ होते ही विवादों में आ गया है। जम्मू-कश्मीर में कई लोगों का कहना है कि फिल्म के कुछ दृश्य उन्हें साल 2018 की उन दर्दनाक घटनाओं की याद दिलाते हैं, जब पैलेट गन के इस्तेमाल से सैकड़ों लोग घायल हुए थे। सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस तेज हो गई है और कई यूजर्स का कहना है कि यह टीज़र पुराने जख्मों को फिर से हरा कर रहा है।
2018 की वह घटना जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा
नवंबर 2018 की एक ठंडी दोपहर जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के कपरान इलाके में विरोध प्रदर्शन चल रहे थे। इसी दौरान 18 महीने की हिबा जान अपनी मां की गोद में घर के अंदर बैठी थी। बाहर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो रही थी। आंसू गैस का धुआं घर के भीतर भरने लगा, जिससे हिबा को सांस लेने में परेशानी होने लगी। ताज़ी हवा के लिए उसकी मां ने जैसे ही घर का दरवाजा खोला, उसी समय बाहर से दागी गई पैलेट गन का एक छर्रा अंदर आ गया। उस छर्रे से निकले कई धातु के छोटे टुकड़े हिबा की दाहिनी आंख में जा लगे और वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

ऑपरेशन के बाद भी नहीं मिली पूरी राहत
डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर आंख से पैलेट के टुकड़े निकाल दिए, लेकिन यह भरोसा नहीं दिला सके कि हिबा की आंख की रोशनी पहले जैसी पूरी तरह लौट पाएगी। आंख पर पट्टी बंधी हिबा की तस्वीरें उस समय देश और दुनिया के कई अखबारों तथा टीवी चैनलों की सुर्खियां बनी थीं। हिबा जान उस दौर में जम्मू-कश्मीर में पैलेट गन से प्रभावित लोगों का प्रतीक बन गई थीं। उनके अलावा भी सैकड़ों लोग पैलेट गन की चपेट में आकर घायल हुए थे।
आगे पढ़िए: Dua Lipa ने खोली ‘बैन किताबों’ की लाइब्रेरी, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
आठ साल बाद फिर वायरल हुईं तस्वीरें
करीब आठ साल बाद हिबा जान और अन्य पैलेट गन पीड़ितों की तस्वीरें एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। हालांकि इस बार इसकी वजह कोई प्रदर्शन या सुरक्षा अभियान नहीं, बल्कि अजय देवगन की फिल्म ‘चौहान’ का हाल ही में जारी हुआ टीज़र है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दावा किया कि टीज़र के कुछ दृश्य उन्हें 2018 के दर्दनाक दौर की याद दिलाते हैं। इसी कारण फिल्म को लेकर कश्मीर के कुछ हिस्सों में नाराज़गी देखने को मिल रही है।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
फिल्म के टीज़र को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि फिल्मों को वास्तविक घटनाओं को संवेदनशील तरीके से दिखाना चाहिए ताकि किसी समुदाय की भावनाएं आहत न हों। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि किसी फिल्म का मूल्यांकन उसकी पूरी कहानी देखने के बाद ही किया जाना चाहिए और केवल टीज़र के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
फिल्म पर बढ़ी लोगों की नजर
विवाद के बाद फिल्म ‘चौहान’ चर्चा का केंद्र बन गई है। अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि फिल्म की पूरी कहानी किस तरह पेश की जाती है और क्या निर्माताओं की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है। फिलहाल, टीज़र को लेकर उठी बहस ने एक बार फिर 2018 के पैलेट गन से जुड़े दर्दनाक घटनाक्रम और उससे प्रभावित लोगों की यादें ताज़ा कर दी हैं।
Leave a comment