The Journalist News (Lucknow): अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Faith and Freedom Coalition की 2026 Policy Conference को संबोधित करते हुए ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अमेरिका की विदेश नीति पर बड़ा बयान दिया। अपने संबोधन में ट्रंप ने दावा किया कि उनकी सरकार ने हाल ही में एक “ऐतिहासिक समझौते” पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि ईरान भविष्य में कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकेगा। उन्होंने इस समझौते को अपनी सरकार की बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे पहले कोई भी अमेरिकी राष्ट्रपति ऐसा नहीं कर पाया था।
ट्रंप ने क्या कहा?

अपने भाषण में ट्रंप ने कहा कि पिछले सप्ताह उनकी सरकार ने एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। उनके अनुसार, इस समझौते का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित न कर सके। उन्होंने कहा,
“पिछले सप्ताह हमने एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो कोई भी पूर्व राष्ट्रपति नहीं कर सका। इससे यह सुनिश्चित होगा कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होंगे। हम ऐसा होने नहीं देंगे।”
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि मौजूदा परिस्थितियों में “अब कोई भी ईरान का नेता बनना नहीं चाहता।”
ईरान को लेकर फिर दोहराया सख्त रुख
अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने ईरान के प्रति अपनी सरकार की सख्त नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि अमेरिका राष्ट्रीय सुरक्षा और अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। हालांकि, ट्रंप ने अपने भाषण में इस कथित समझौते की शर्तों या उससे जुड़े विस्तृत विवरण साझा नहीं किए।
सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी दिया जोर
Faith and Freedom Coalition की इस वार्षिक नीति सम्मेलन में ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और अमेरिका की वैश्विक भूमिका जैसे मुद्दों पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अमेरिका के हितों की रक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाती रहेगी और ऐसे किसी भी खतरे को स्वीकार नहीं करेगी, जिससे वैश्विक या क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभावित हो।
ईरान परमाणु कार्यक्रम बना हुआ है वैश्विक मुद्दा
ईरान का परमाणु कार्यक्रम लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय राजनीति का अहम विषय रहा है। अमेरिका, यूरोपीय देशों और अन्य वैश्विक शक्तियों के बीच इस मुद्दे पर समय-समय पर बातचीत और समझौते होते रहे हैं। ट्रंप के ताजा बयान के बाद इस विषय पर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज होने की संभावना है। हालांकि, उनके दावे और कथित समझौते से जुड़े विस्तृत आधिकारिक दस्तावेज या अतिरिक्त जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
आधिकारिक विवरण का इंतजार
राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान उनके सार्वजनिक संबोधन का हिस्सा है। फिलहाल समझौते की विस्तृत शर्तों और उससे जुड़े आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। ऐसे में इस विषय पर आगे की जानकारी संबंधित अमेरिकी प्रशासन और आधिकारिक एजेंसियों की ओर से जारी की जाने वाली सूचनाओं के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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