The Journalist News (Lucknow): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर सेशेल्स पहुंच गए हैं। यह उनकी पिछले 11 वर्षों में इस द्वीपीय देश की दूसरी यात्रा है। प्रधानमंत्री यह दौरा सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर कर रहे हैं। 29 जून को प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की आजादी के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान आयोजित होने वाली भव्य परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे।
राष्ट्रपति हर्मिनी से होगी अहम बैठक
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, विकास और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा को भी संबोधित करेंगे। वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे। इस दौरान वे वहां रह रहे भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगे।

भारत सेशेल्स संबंधों के 50 वर्ष
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे से पहले कहा कि इस वर्ष भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और लोगों के गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की भारत यात्रा के बाद यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई देगा। साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, शांति और समृद्धि के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
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सेशेल्स में भारतीय समुदाय की मजबूत मौजूदगी
सेशेल्स की कुल आबादी करीब 1.35 लाख है। इनमें लगभग 12 हजार लोग भारतीय मूल के हैं, जो कुल आबादी का करीब 8 से 9 प्रतिशत हिस्सा हैं। भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें भारतीय समुदाय से मिलने का अवसर मिलेगा, जिसने पीढ़ियों से भारत और सेशेल्स की मित्रता को मजबूत किया है।
2015 के दौरे ने बनाई थी नई रणनीतिक नींव
प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले 2015 में सेशेल्स का दौरा किया था। उनसे पहले लंबे अंतराल तक कोई भारतीय प्रधानमंत्री सेशेल्स नहीं गया था। इससे पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1976 और 1981 में सेशेल्स का दौरा किया था। 2015 की यात्रा के दौरान भारत ने सेशेल्स को दूसरा डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान देने की घोषणा की थी। साथ ही भारत की सहायता से विकसित तटीय निगरानी रडार नेटवर्क का उद्घाटन भी किया गया था। इसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और निगरानी क्षमता को मजबूत करना था।
हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी होगी मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और ‘विजन महासागर (MAHASAGAR)’ नीति को और मजबूती देगी। इसके साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग, सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम मिलेगा।
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