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केजरीवाल ने अमित शाह से पूछे 5 सवाल, राम मंदिर को लेकर लगाए गंभीर आरोप

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Split image of Arvind Kejriwal gesturing on the left and Amit Shah looking thoughtful on the right, with a red Hindi news banner across the bottom.
Source: PTI
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The Journalist News (Lucknow): केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah को निशाने पर लेते हुए राम मंदिर को लेकर पांच सवाल पूछे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वह अमित शाह से जानना चाहते हैं कि उन्होंने अब तक राम मंदिर का दौरा क्यों नहीं किया। प्रेस वार्ता में केजरीवाल ने कहा कि उनका पहला सवाल है कि अमित शाह अब तक राम मंदिर क्यों नहीं गए। दूसरा सवाल उन्होंने पूछा कि क्या उनका मन भगवान राम के दर्शन करने का नहीं करता। तीसरे सवाल में उन्होंने पूछा कि क्या वे राम मंदिर जाना नहीं चाहते।

भगवान राम के आशीर्वाद पर भी उठाया सवाल

केजरीवाल ने आगे कहा कि उनका चौथा सवाल यह है कि क्या अमित शाह को भगवान राम के आशीर्वाद की आवश्यकता महसूस नहीं होती। इसके बाद उन्होंने अपना पांचवां और सबसे महत्वपूर्ण सवाल रखा कि क्या अमित शाह भगवान राम को भगवान मानते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई वास्तव में भगवान राम को भगवान मानता है, तो उसके व्यवहार में भी यह आस्था दिखाई देनी चाहिए।

Man with glasses speaks into a microphone at a press conference, seated before a blue-yellow Aam Aadmi Party backdrop.
Source PTI

मंदिर के चढ़ावे को लेकर लगाया आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने आरोप लगाया कि “ये लोग भगवान राम को भगवान नहीं मानते। अगर मानते होते, तो मंदिर में चढ़ाया गया चढ़ावा कभी नहीं चुराते।” हालांकि, उन्होंने इस बयान के समर्थन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कोई अतिरिक्त साक्ष्य या विस्तृत जानकारी प्रस्तुत नहीं की।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेज हुए राजनीतिक हमले

केजरीवाल के इन बयानों के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है। राम मंदिर और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दे लंबे समय से भारतीय राजनीति के केंद्र में रहे हैं। ऐसे में उनका यह बयान राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है। फिलहाल अमित शाह या उनकी पार्टी की ओर से इन सवालों और आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

बयान से बढ़ सकती है राजनीतिक बहस

विश्लेषकों का मानना है कि आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच इस तरह के बयान राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, आरोपों और सवालों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकेगी। यह भी उल्लेखनीय है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्यक्त किए गए विचार अरविंद केजरीवाल के बयान हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की जा रही है।

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