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22 साल बाद इंद्रदेव सिंह हत्याकांड में बड़ा फैसला, CBI कोर्ट ने तीन आरोपियों को ठहराया दोषी

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Source: LiveLaw
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The Journalist News (Lucknow): करीब 22 साल पुराने इंद्रदेव सिंह हत्याकांड में आखिरकार अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। लखनऊ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रदेव सिंह की हत्या के मामले में सीबीआई कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया है। अब मामले में सजा के बिंदु पर 7 जुलाई को सुनवाई होगी। यह मामला वर्ष 2002 में हुई चर्चित हत्या से जुड़ा है, जिसकी जांच बाद में Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपी गई थी।

तीन आरोपी दोषी करार

सीबीआई कोर्ट ने विक्रम यादव उर्फ कालिया, पन्ना सिंह और बृजेश यादव उर्फ मुन्ना को हत्या के मामले में दोषी ठहराया है। अदालत ने तीनों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत दोषसिद्ध माना है। अदालत ने दोषसिद्धि के बाद तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अब सजा की अवधि तय करने के लिए 7 जुलाई को सुनवाई होगी।

Source; AI

8 अगस्त 2002 को हुई थी हत्या

पूर्व बार अध्यक्ष इंद्रदेव सिंह की 8 अगस्त 2002 को हत्या कर दी गई थी। घटना लखनऊ के कैसरबाग टेलीफोन एक्सचेंज के पीछे हुई थी। उस समय इस हत्याकांड ने प्रदेशभर में कानून व्यवस्था और अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। अभियोजन के अनुसार, विक्रम यादव उर्फ कालिया पर इंद्रदेव सिंह की कनपटी पर गोली मारने का आरोप था, जिसे अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सिद्ध माना।

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वर्ष 2004 में दाखिल हुई थी चार्जशीट

सीबीआई ने इस मामले में वर्ष 2004 में अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इसी वर्ष आरोपियों के खिलाफ आरोप भी तय किए गए थे। इसके बाद कई वर्षों तक अदालत में गवाहों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे की सुनवाई चलती रही। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने अब तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है।

मुकदमे के दौरान तीन अभियुक्तों की हुई मृत्यु

इस लंबे मुकदमे के दौरान मामले से जुड़े तीन अन्य अभियुक्तों की मृत्यु हो चुकी है। इसलिए अदालत ने वर्तमान में जीवित तीन आरोपियों के खिलाफ ही फैसला सुनाया।

पत्नी ने दर्ज कराया था मुकदमा

इंद्रदेव सिंह की हत्या के बाद उनकी पत्नी नयनतारा सिंह ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और अंततः मामला सीबीआई को सौंपा गया।

परिवार की प्रमुख हस्तियां

इंद्रदेव सिंह का परिवार भी लंबे समय से सार्वजनिक जीवन से जुड़ा रहा है। उनकी पुत्री Lakshmi Singh वर्तमान में नोएडा पुलिस आयुक्त हैं। वहीं उनके दामाद Rajeshwar Singh भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। हालांकि, अदालत का फैसला पूरी तरह इस आपराधिक मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर दिया गया है।

7 जुलाई को तय होगी सजा

फिलहाल अदालत ने केवल दोषसिद्धि का फैसला सुनाया है। दोषियों को कितनी सजा दी जाएगी, इस पर 7 जुलाई को सुनवाई होगी। इस दिन अभियोजन और बचाव पक्ष सजा के संबंध में अपने-अपने तर्क अदालत के सामने रखेंगे।

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