The Journalist News (Lucknow): उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने देशभर में ऑनलाइन ट्रेडिंग और तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में इनके बैंक खाते से जुड़े 83.94 करोड़ रुपये के संदिग्ध साइबर लेनदेन का खुलासा हुआ है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई देशभर में फैले साइबर अपराध नेटवर्क पर बड़ी चोट मानी जा रही है।
20 राज्यों से मिली थीं शिकायतें
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने प्रतिबिंब पोर्टल पर प्राप्त एक संदिग्ध बैंक खाते की तकनीकी जांच शुरू की। जांच में पता चला कि एक्सिस बैंक का यह खाता NIHASA MANPOWER SERVICES Pvt. Ltd. के नाम से संचालित हो रहा था। पुलिस के अनुसार इस खाते के खिलाफ देश के 20 राज्यों से 73 शिकायतें दर्ज थीं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा दिया गया या फिर ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर उनसे रकम वसूली गई।

83.94 करोड़ रुपये के फ्रॉड का खुलासा
शिकायतों के विश्लेषण के दौरान पुलिस ने पाया कि इस बैंक खाते के माध्यम से 83 करोड़ 94 लाख 17 हजार 664 रुपये के साइबर फ्रॉड से जुड़े लेनदेन हुए हैं। जांच में सामने आया कि यह खाता साइबर अपराधियों द्वारा अवैध लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने कमीशन के बदले अपनी कंपनी का बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था, जिससे ठगी की रकम विभिन्न खातों में स्थानांतरित की जाती थी।
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ऐसे काम करता था गिरोह
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि कंपनी के बैंक खाते का विवरण उनके सहयोगी मोनू सिंह को दिया गया था। इसके बाद देशभर में साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि इसी खाते के माध्यम से ट्रांसफर की जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि 14 से 18 नवंबर 2025 के बीच केवल चार दिनों में इस खाते में 4.85 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है
- आनंद रॉव, निवासी दीदारगंज, आजमगढ़
- सुनील, निवासी ठेकमा, आजमगढ़
- प्रशांत सिंह उर्फ लकी, निवासी दीदारगंज, आजमगढ़
इन तीनों से पूछताछ के आधार पर फरार आरोपी मोनू सिंह की तलाश तेज कर दी गई है।
बरामद हुए मोबाइल और एटीएम कार्ड
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने पांच मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड और 3,860 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल और बैंकिंग दस्तावेजों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और लेनदेन की पूरी श्रृंखला का पता लगाया जा सके।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-D के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है।
साइबर अपराध से बचने की सलाह
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग में अत्यधिक मुनाफे के झांसे, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस या सरकारी अधिकारियों के नाम पर आने वाले कॉल और अनजान लिंक से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दें।
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