The Journalist News (Lucknow): राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) 2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 2 हासिल करने वाले पांशुल बंसल ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई, मॉक टेस्ट और कोचिंग नोट्स के व्यवस्थित अध्ययन को दिया है। पहले ही प्रयास में देशभर में दूसरा स्थान हासिल करने वाले पांशुल की सफलता लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद मीडिया से बातचीत में पांशुल ने बताया कि उन्हें अपने प्रदर्शन का पहले से ही काफी हद तक अंदाजा था। उन्होंने कहा कि परीक्षा के बाद उन्होंने अपने अंक स्वयं जोड़ लिए थे और उन्हें लगभग 715 अंक मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, देशभर में दूसरा स्थान हासिल करना उनके लिए सुखद आश्चर्य रहा।
‘पहले प्रयास में सफलता मिलना बड़ी उपलब्धि’
पांशुल बंसल ने कहा कि यह उनका पहला प्रयास था और उन्होंने शुरुआत से ही स्पष्ट रणनीति के साथ तैयारी की। उनका मानना है कि सही दिशा में निरंतर मेहनत करने से सफलता निश्चित रूप से मिलती है। उन्होंने कहा कि परिणाम आने के बाद शुरुआत में कोई बहुत बड़ी प्रतिक्रिया नहीं थी क्योंकि उन्हें अपने अंकों का अनुमान था, लेकिन ऑल इंडिया रैंक 2 मिलना निश्चित रूप से उनके लिए बेहद खुशी और गर्व का क्षण था।

रोजाना 6 से 7 घंटे की पढ़ाई
अपनी तैयारी के बारे में बताते हुए पांशुल ने कहा कि वे प्रतिदिन लगभग 6 से 7 घंटे पढ़ाई करते थे। उनका अध्ययन समय पूरी तरह व्यवस्थित था।
- सुबह लगभग 3 घंटे पढ़ाई
- दोपहर में 3 घंटे अभ्यास
- शाम को करीब 1 घंटा रिवीजन
उन्होंने बताया कि उनकी तैयारी का मुख्य आधार प्रश्नों का अभ्यास, नियमित मॉक टेस्ट और कोचिंग के नोट्स थे। उन्होंने अतिरिक्त स्रोतों पर अधिक समय खर्च करने के बजाय सीमित और विश्वसनीय अध्ययन सामग्री पर भरोसा किया।
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मॉक टेस्ट बने सबसे बड़ा हथियार
पांशुल के अनुसार, NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए केवल पढ़ना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि नियमित रूप से मॉक टेस्ट देना और अपनी गलतियों का विश्लेषण करना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक टेस्ट के बाद अपनी कमजोरियों को पहचानकर उनमें सुधार करने का प्रयास ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बना।
भविष्य में बनना चाहते हैं सर्जन
अपने करियर की योजना के बारे में पांशुल ने बताया कि वे मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद किसी स्पेशलिटी और फिर सुपर-स्पेशलिटी में जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी रुचि विशेष रूप से सर्जरी के क्षेत्र में है। उन्होंने बताया कि भविष्य में वे यूरोलॉजी (Urology) या कार्डियोलॉजी (Cardiology) जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं। हालांकि अंतिम निर्णय मेडिकल शिक्षा के दौरान अपनी रुचि और अनुभव के आधार पर लेंगे।
अन्य छात्रों के लिए संदेश
पांशुल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को तनाव लेने के बजाय नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास बनाए रखना चाहिए। उनका मानना है कि सीमित लेकिन गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री, नियमित अभ्यास और समय प्रबंधन किसी भी बड़ी परीक्षा में सफलता की मजबूत नींव होते हैं। NEET UG 2026 में पांशुल बंसल की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि देशभर के उन लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो चिकित्सा क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि सही रणनीति, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ बड़े से बड़ा लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।
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