The Journalist News (Lucknow): उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने पीजीटी, टीईटी तथा अन्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी जारी करते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक और अप्रमाणित सूचनाओं से सतर्क रहने की अपील की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि कुछ असामाजिक तत्व अभ्यर्थियों को फर्जी जानकारी देकर भ्रमित करने और आर्थिक ठगी करने का प्रयास कर रहे हैं। आयोग के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य माध्यमों पर OMR शीट, उत्तर कुंजी, कटऑफ, प्राप्तांक, चयन सूची और परीक्षा परिणाम के नाम पर झूठी सूचनाएं फैलाने का सिलसिला चल रहा है। कुछ लोग आयोग में प्रार्थना-पत्र दिलाने या चयन सुनिश्चित कराने का दावा कर अभ्यर्थियों से धन की मांग भी कर रहे हैं।
AI से तैयार किए जा रहे फर्जी दस्तावेज
UPESSC ने बताया कि कुछ मामलों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) की मदद से फर्जी दस्तावेज और नकली पत्र तैयार कर अभ्यर्थियों को गुमराह किया जा रहा है। इन दस्तावेजों के माध्यम से यह भ्रम पैदा किया जाता है कि आयोग ने कोई नया आदेश जारी किया है या परीक्षा परिणाम में बदलाव होने वाला है। आयोग ने स्पष्ट किया कि ऐसे सभी दस्तावेज पूरी तरह फर्जी हैं और उनका आयोग से कोई संबंध नहीं है।

PGT परीक्षा परिणाम पहले ही हो चुका है घोषित
आयोग ने स्पष्ट किया कि पीजीटी परीक्षा का परिणाम पहले ही घोषित किया जा चुका है। इसके साथ ही सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक, चयनित उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा अंक, साक्षात्कार अंक और अंतिम मेरिट अंक आयोग की ओर से सार्वजनिक किए जा चुके हैं। ऐसी स्थिति में कटऑफ बदलने, अंक बढ़ाने, चयन सूची संशोधित करने या परिणाम में बदलाव कराने जैसे दावे पूरी तरह निराधार हैं।
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केवल आधिकारिक वेबसाइट की जानकारी पर करें भरोसा
आयोग ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और आयोग की आधिकारिक विज्ञप्तियों में जारी सूचनाओं को ही प्रमाणिक मानें। किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट, व्हाट्सएप मैसेज, यूट्यूब वीडियो या अनधिकृत वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी पर विश्वास न करें। आयोग ने कहा कि परीक्षा से जुड़ी हर महत्वपूर्ण सूचना समय-समय पर आधिकारिक माध्यमों से ही जारी की जाती है।
धन मांगने वालों से रहें दूर
UPESSC ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति परीक्षा परिणाम, OMR शीट, उत्तर कुंजी, कटऑफ, चयन सूची या नौकरी दिलाने के नाम पर धन की मांग करता है, तो अभ्यर्थी तुरंत उसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें। आयोग ने कहा कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में धन देकर चयन संभव नहीं है और ऐसे दावे केवल ठगी का माध्यम हैं।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
शिक्षा सेवा चयन आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा से संबंधित असत्य, भ्रामक और फर्जी सूचनाएं प्रसारित करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे सतर्क रहें, किसी भी प्रकार के लालच या झूठे आश्वासन में न आएं और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। इससे न केवल वे आर्थिक ठगी से बच सकेंगे, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी बनी रहेगी।
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