The Journalist News (Lucknow): विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देते हुए कहा कि आज देश और दुनिया में काम की कोई कमी नहीं है, बल्कि आवश्यकता केवल कुशल (स्किल्ड) युवाओं की है। उन्होंने कहा कि कौशल से लैस युवा ही विकसित भारत और उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की सबसे बड़ी ताकत हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) से प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में सफलता हासिल करने वाले युवाओं को सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं से आत्मनिर्भर बनने और नए कौशल सीखकर रोजगार सृजन में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
युवा शक्ति ही उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा युवा कार्यबल वाला राज्य है। यदि इस युवा शक्ति को सही दिशा, आधुनिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलें, तो यही प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के युवा केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्टार्टअप और नवाचार के माध्यम से रोजगार देने वाले “जॉब क्रिएटर” भी बन रहे हैं। यह बदलाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान कर रहा है।
9 लाख से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ बिना किसी भेदभाव और सिफारिश के 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। इसके साथ ही प्रदेश में स्थापित 96 लाख एमएसएमई (MSME) इकाइयों के माध्यम से सवा तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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हर जिले में बनेगा इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन
मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर युवाओं की योग्यता, रुचि और स्थानीय उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ा जाएगा। विदेशों में रोजगार के इच्छुक युवाओं के लिए विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
AI, रोबोटिक्स और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ कौशल विकास कार्यक्रमों में आधुनिक तकनीकों को शामिल किया जा रहा है। युवाओं को पारंपरिक ट्रेडों के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ड्रोन टेक्नोलॉजी और 3-डी प्रिंटिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन नई तकनीकों में दक्ष युवा वैश्विक रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
20 लाख युवाओं को मिला कौशल प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में 20 लाख से अधिक युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें से लगभग 12.5 लाख युवाओं को रोजगार भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ महोबा, चित्रकूट, सोनभद्र, बलिया और बहराइच जैसे पिछड़े जिलों में भी रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।
स्वावलंबन से बनेगा विकसित भारत
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे निराशा छोड़कर कौशल, नवाचार और उद्यमिता को अपनाएं। उन्होंने कहा कि मेहनत, आधुनिक तकनीक और आत्मविश्वास के बल पर युवा न केवल अपना भविष्य बदल सकते हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश और देश के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कौशल विकास, औद्योगिक निवेश, स्टार्टअप संस्कृति और रोजगार सृजन के माध्यम से उत्तर प्रदेश वर्ष 2029-30 तक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त करेगा।
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