The Journalist News (Lucknow): राम मंदिर चंदा प्रकरण को लेकर अयोध्या में कानूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। बार एसोसिएशन अयोध्या की ओर से गठित अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को थाना रामजन्मभूमि पहुंचा और बीते सप्ताह दी गई तहरीर के आधार पर दर्ज एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अधिवक्ता सौरभ मिश्रा ने किया। यह प्रतिनिधिमंडल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका मिश्रा द्वारा गठित किया गया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि उनकी ओर से दी गई शिकायत पर स्पष्ट कानूनी कार्रवाई की जानकारी मिलनी चाहिए।
पुलिस ने क्या कहा?
थाना रामजन्मभूमि पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि जिस मामले को लेकर तहरीर दी गई थी, उस प्रकरण में पहले से ही एक एफआईआर दर्ज है और उसी के आधार पर विधिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस के अनुसार, मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पहले से जारी है। हालांकि अधिवक्ताओं ने इस जवाब पर संतोष नहीं जताया और आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया।

बार एसोसिएशन ने बनाई नई रणनीति
पुलिस से बातचीत के बाद अधिवक्ताओं ने बार एसोसिएशन कार्यालय में बैठक बुलाई। बैठक में मामले की कानूनी स्थिति और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अयोध्या से मुलाकात करने का निर्णय लिया। अधिवक्ताओं का कहना है कि उनकी तहरीर में जिन व्यक्तियों के नाम और तथ्यों का उल्लेख किया गया है, उनके आधार पर अलग से एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
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अलग मुकदमा दर्ज करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि पहले से दर्ज एफआईआर के अतिरिक्त उनकी शिकायत के आधार पर स्वतंत्र मुकदमा दर्ज किया जाए। उनका तर्क है कि उनकी तहरीर में कुछ ऐसे व्यक्तियों का उल्लेख किया गया है, जिनके खिलाफ अलग से कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। इस संबंध में वे एसएसपी के समक्ष अपनी मांग औपचारिक रूप से रखेंगे।
पहले भी दी गई थी तहरीर
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह बार एसोसिएशन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता थाना रामजन्मभूमि पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने राम मंदिर चंदा प्रकरण में कथित रूप से छूटे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी थी। इसी क्रम में अब अधिवक्ताओं ने एफआईआर की प्रति प्राप्त करने और अलग मुकदमा दर्ज कराने की पहल तेज कर दी है।
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। थाना रामजन्मभूमि, एसएसपी कार्यालय और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस और स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। फिलहाल मामले में पुलिस की ओर से पहले से दर्ज एफआईआर के तहत कार्रवाई जारी है, जबकि अधिवक्ताओं की ओर से अलग मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर आगे की प्रक्रिया एसएसपी से मुलाकात के बाद स्पष्ट हो सकती है।
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