The Journalist News (Lucknow): श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी और गड़बड़ी के मामले पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने मीडिया में चल रही ₹14 करोड़ की चोरी की खबरों को पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताया तथा कहा कि उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मंदिर को करीब ₹3 करोड़ का नुकसान हुआ है। स्वामी गोविंद देव गिरि ने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर में भक्तों द्वारा दान की गई सभी मूल्यवान वस्तुएं सुरक्षित हैं और उनका पूरा रिकॉर्ड ट्रस्ट के पास मौजूद है। उन्होंने लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करने की अपील की।
₹14 करोड़ की चोरी के दावों का किया खंडन

कोषाध्यक्ष ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में ₹14 करोड़ के गबन या चोरी की बात कही जा रही है, जबकि यह आंकड़ा तथ्यों पर आधारित नहीं है। उन्होंने बताया कि अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार नुकसान का अनुमान लगभग ₹3 करोड़ है। उन्होंने कहा कि वास्तविक तथ्यों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा और ट्रस्ट जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रहा है।
दान में मिली सभी वस्तुएं सुरक्षित
स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर को दान में दी गई 2,929 मूल्यवान वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। इन सभी वस्तुओं का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा गया है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि दान में प्राप्त आभूषण, कीमती धातुओं और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के संरक्षण के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है।
SIT जांच जारी
मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है। जांच एजेंसियां कथित वित्तीय अनियमितताओं और चोरी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। बताया गया है कि जांच के दौरान पूर्व ट्रस्टियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई है या नहीं।
ट्रस्ट ने पारदर्शिता का भरोसा दिलाया
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कहा है कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान के प्रबंधन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है। ट्रस्ट का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। कोषाध्यक्ष ने कहा कि मंदिर से जुड़े मामलों में अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं से बचना चाहिए तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए।
जांच के नतीजों का इंतजार
फिलहाल इस मामले में SIT की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान की वास्तविक राशि, जिम्मेदार व्यक्तियों और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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