Home उत्तर प्रदेश यूपी पुलिस अलर्ट मोड पर, DGP ने दिया ‘जीरो इंसिडेंट-जीरो एक्सीडेंट’ का लक्ष्य
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यूपी पुलिस अलर्ट मोड पर, DGP ने दिया ‘जीरो इंसिडेंट-जीरो एक्सीडेंट’ का लक्ष्य

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Source: UP Police (Facebook)
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The Journalist News (Lucknow): उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा आगामी कांवड़ यात्रा एवं त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने पुलिस मुख्यालय में राज्य के सभी जोनल, परिक्षेत्रीय और जनपदीय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऑनलाइन उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक की। बैठक में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण और सोशल मीडिया निगरानी सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कांवड़ यात्रा के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था

डीजीपी ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा और आगामी पर्वों को “जीरो इंसिडेंट एवं जीरो एक्सीडेंट” के लक्ष्य के साथ संपन्न कराया जाए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सतत गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यात्रा मार्गों पर ट्रैफिक प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं और भीड़ नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

‘यक्ष’ ऐप से मजबूत होगा बीट पुलिसिंग तंत्र

बैठक में डीजीपी ने ‘यक्ष’ ऐप के माध्यम से बीट सूचना तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सक्रिय अपराधियों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराने तथा फरार और लापता अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से पुलिसिंग को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जाएगा।

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लंबित विवेचनाओं की होगी निगरानी

बैठक के दौरान 60 और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के लिए विकसित केस डायरी मॉनिटरिंग डैशबोर्ड का भी प्रस्तुतीकरण किया गया। यह पोर्टल संबंधित अधिकारियों और विवेचकों को 15 दिन पहले अलर्ट जारी करेगा, जिससे समय सीमा के भीतर जांच पूरी कर न्यायिक प्रक्रिया को गति मिल सकेगी।

सड़क दुर्घटनाओं में आई कमी

डीजीपी ने जीरो फेटलिटी ड्राइव (ZFD) और रियल टाइम कॉरिडोर (RTC) अभियान को और मजबूत करने के निर्देश दिए। समीक्षा में बताया गया कि ZFD अभियान के कारण सड़क दुर्घटनाओं में 9 प्रतिशत तथा दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इससे 800 से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकी। वहीं, गूगल मैप आधारित रियल-टाइम ट्रैफिक प्रबंधन और रूट मार्शल व्यवस्था के कारण पिछले तीन महीनों में ट्रैफिक चोक प्वाइंट्स में 17 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है और यात्रा समय में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

महिला सुरक्षा पर विशेष जोर

बैठक में मिशन शक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इन केंद्रों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि महिलाओं से जुड़े अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित सहायता सुनिश्चित हो सके। समीक्षा में यह भी बताया गया कि मिशन शक्ति अभियान के बाद महिला संबंधी अपराधों में कमी दर्ज की गई है।

सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर

डीजीपी राजीव कृष्ण ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखी जाए और भ्रामक, अफवाह फैलाने वाली या भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए। इसके अलावा गुमशुदा बच्चों, महिलाओं और अन्य व्यक्तियों से जुड़े मामलों के शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर भी विशेष बल दिया गया। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश पुलिस का उद्देश्य अपराध पर प्रभावी नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और आम जनता में सुरक्षा की भावना को और सुदृढ़ करना है।

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