Home Uncategorized व्हाइट हाउस के पास हमला, नेशनल गार्ड सारा बेकस्ट्रॉम नहीं रहीं, ट्रंप ने जताया गुस्सा
Uncategorized

व्हाइट हाउस के पास हमला, नेशनल गार्ड सारा बेकस्ट्रॉम नहीं रहीं, ट्रंप ने जताया गुस्सा

Share
#image_title
Share

वॉशिंगटन डी.सी. में व्हाइट हाउस से कुछ ही ब्लॉक की दूरी पर हुए हमले में घायल नेशनल गार्ड सदस्य 20 वर्षीय सारा बेकस्ट्रॉम की मौत हो गई। इस हमले को पहले ही “आतंकी घटना” माना जा रहा था, और अब ट्रंप प्रशासन ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधी चुनौती बताया है। सारा की मौत की पुष्टि स्वयं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की।

कैसे हुआ हमला?

घटना 26 नवंबर की सुबह उस समय हुई जब वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो सदस्य सारा बेकस्ट्रॉम और एंड्रयू वोल्फ ड्यूटी पर तैनात थे। तभी एक हमलावर ने उन पर अचानक फायरिंग कर दी। दोनों गंभीर रूप से घायल हुए थे और उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। यह गोलीबारी व्हाइट हाउस से बेहद नजदीक 17th स्ट्रीट क्षेत्र में हुई, जिसे अमेरिका का सबसे सुरक्षित इलाका माना जाता है।

सारा की हालत बिगड़ी, वोल्फ ICU में लड़ रहे हैं

हमले के बाद सारा की हालत लगातार नाजुक बनी रही। डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद वह जीवन नहीं बचा सके और उनकी मौत 27 नवंबर को हो गई। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “सारा सिर्फ 20 साल की थी। यह अत्यंत दुखद और क्रोधित कर देने वाली घटना है।” उनका साथी एंड्रयू वोल्फ अभी भी अस्पताल में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा है।

हमलावर कौन था?

पुलिस ने मौके से 29 वर्षीय अफगान नागरिक रहमानुल्लाह लाकानवाल को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह 2021 में अफगान शरणार्थी के रूप में अमेरिका आया था और पहले अफगानिस्तान में एक सीआईए समर्थित इकाई के लिए काम कर चुका था। एफबीआई ने इस घटना को सुनियोजित हमला बताया है और इस बात की जांच कर रही है कि क्या हमलावर का कोई आतंकी लिंक था।

ट्रंप का सीधा हमला “यह आतंकवाद है”

सारा की मौत के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे स्पष्ट तौर पर “टेरर एक्ट” कहा है। उन्होंने अफगान शरणार्थियों की एंट्री प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए और इसे “पिछली सरकार की गंभीर गलती” बताया।उन्होंने आदेश दिया है कि वॉशिंगटन डी.सी. में सुरक्षा को और मजबूत किया जाए तथा अतिरिक्त 500 नेशनल गार्ड तैनात किए जाएं।

सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल

व्हाइट हाउस जैसा हाई-सिक्योरिटी ज़ोन भी अब हमले की पहुंच में आ चुका है। इस घटना ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों और इंटेलिजेंस सिस्टम पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि।

  • यह हमला अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा के लिए संकेत है कि उच्च संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा रणनीति में बदलाव की जरूरत है।
  • इमिग्रेशन और शरणार्थी नीति पर राजनीतिक बहस तेज होगी।
नेशनल गार्ड समुदाय में शोक

सारा बेकस्ट्रॉम कम उम्र में नेशनल गार्ड में भर्ती हुई थीं और अपने अनुशासन व सेवा भाव के लिए जानी जाती थीं। उनकी मौत के बाद पूरे गार्ड समुदाय और वेस्ट वर्जीनिया में गहरा शोक है। ट्रंप प्रशासन ने उन्हें “अमेरिका की बहादुर बेटी” बताया है।

आगे पढ़िए : व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी, 2 नेशनल गार्ड घायल, ट्रंप ने बाइडेन पर साधा निशाना

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles
Hindi horoscope promo: today’s zodiac reading for Friday, 19 April 2026, over an astrologic wheel with The Journalist News logo
Uncategorized

19 अप्रैल 2026 राशिफल: रविवार को सूर्य का प्रभाव, जानें सभी राशियों के स्वास्थ्य टिप्स

रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित होता है। आज सूर्य मेष...

उदयपुर में 26 फरवरी को ITC Mementos में शादी से पहले पहुंचे रश्मिका मंदाना और विजय देवराकोंडा
Uncategorized

ITC मोमेंटोज बनेगा गवाह: 26 फरवरी को एक होने जा रहे हैं साउथ के ये दो सुपरस्टार्स!

उदयपुर: साउथ सिनेमा के चर्चित सितारे विजय देवराकोंडा और रश्मिका मंदाना 26...

शरद पवार को तबीयत बिगड़ने पर पुणे के अस्पताल में भर्ती कराया गया
Uncategorized

दिग्गज नेता शरद पवार अस्पताल में भर्ती! बारामती से पुणे तक एम्बुलेंस के साये में पहुंचे पवार

महाराष्ट्र: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के संस्थापक और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री...

Uncategorized

परीक्षा में नंबर नहीं, मानसिक शांति जरूरी: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा (Pariksha Pe Charcha) के 9वें...