उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब भारतीय वायुसेना (IAF) का एक माइक्रोलाइट विमान तकनीकी खराबी के कारण आपात स्थिति में लैंडिंग करने को मजबूर हुआ। राहत की बात यह रही कि विमान में सवार दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं और इस घटना में किसी भी नागरिक या संपत्ति को नुकसान नहीं हुआ। यह घटना उस समय हुई जब विमान नियमित प्रशिक्षण उड़ान (Routine Sortie) पर था। अचानक आई तकनीकी खराबी के बाद पायलटों ने सूझबूझ और अनुभव का परिचय देते हुए विमान को एक कम आबादी वाले इलाके में स्थित तालाब में सुरक्षित उतार दिया।
कहां और कब हुई घटना?
भारतीय वायुसेना के अनुसार, यह घटना 21 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 12:15 बजे हुई। माइक्रोलाइट विमान ने एयर फोर्स स्टेशन बमरौली (Air Force Station Bamrauli) से उड़ान भरी थी। मिड-फ्लाइट के दौरान विमान में तकनीकी खराबी (Technical Malfunction) आ गई, जिसके बाद पायलटों ने तुरंत आपात प्रोटोकॉल अपनाया और विमान को सुरक्षित रूप से उतारने का फैसला लिया।
IAF का आधिकारिक बयान
भारतीय वायुसेना ने इस घटना की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा की। IAF ने अपने पोस्ट में कहा:
“IAF का एक माइक्रोलाइट विमान, जो AF स्टेशन बमरौली, प्रयागराज से नियमित उड़ान पर था, 21 जनवरी 2026 को 1215 बजे तकनीकी खराबी का शिकार हुआ। पायलटों ने विमान को एक निर्जन क्षेत्र में सुरक्षित रूप से उतार दिया, जिससे किसी भी नागरिक जीवन या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ।”
IAF ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है।

तालाब में हुई नियंत्रित लैंडिंग
प्रयागराज के जॉर्ज टाउन थाना क्षेत्र में केपी कॉलेज (K P College) के पास स्थित एक तालाब में यह विमान उतरा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान अचानक नीचे आता दिखा, जिससे कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, पायलटों की सूझबूझ के चलते यह लैंडिंग पूरी तरह कंट्रोल्ड और सुरक्षित रही।
पुलिस और प्रशासन का बयान
इस मामले में डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (सिटी) मनीष टी.सी. शांडिल्य ने बताया कि:
- विमान में दो पायलट सवार थे
- दोनों ने नियंत्रित लैंडिंग की
- विमान तालाब में उतरा, जिससे आग या विस्फोट का खतरा टल गया
उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंच गईं।
स्थानीय लोगों ने दिखाई इंसानियत
इस घटना में सबसे खास भूमिका निभाई स्थानीय नागरिकों ने। जैसे ही विमान तालाब में उतरा, आसपास मौजूद लोग बिना देर किए मदद के लिए दौड़ पड़े।
स्थानीय निवासियों ने:
- पायलटों को तालाब से बाहर निकालने में मदद की
- फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी
- रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशासन का पूरा सहयोग किया
इस मानवीय सहयोग की सोशल मीडिया पर जमकर सराहना हो रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन कैसे हुआ?
फायर ब्रिगेड कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से:
- दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
- प्राथमिक जांच की गई
- किसी गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई
पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल और तेज़ बताया गया है।
क्या होता है माइक्रोलाइट विमान?
माइक्रोलाइट विमान हल्के वजन के होते हैं और आमतौर पर:
- प्रशिक्षण उड़ानों
- निगरानी
- हल्के सैन्य अभ्यास
के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। इनमें आमतौर पर दो सीटें होती हैं और ये कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हैं।
क्या जांच होगी?
IAF ने संकेत दिए हैं कि:
- घटना की तकनीकी जांच की जाएगी
- खराबी के कारणों का पता लगाया जाएगा
- भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के उपाय किए जाएंगे
यह जांच वायुसेना की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत होगी।
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