Sindoor Formation में IAF के लड़ाकू विमानों का शक्ति प्रदर्शन
77वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सोमवार को भारतीय वायुसेना (IAF) ने देश की सैन्य ताकत का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस दौरान वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने विशेष ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ (Sindoor Formation) में उड़ान भरते हुए आसमान में अपनी शक्ति और रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया। यह दृश्य न केवल रोमांचक था, बल्कि भारत की बदलती सैन्य रणनीति और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का प्रतीक भी बना।
सात लड़ाकू विमानों की शक्तिशाली Sindoor Formation
अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष सिंदूर फॉर्मेशन में कुल सात लड़ाकू विमान शामिल थे। इसमें
- 2 राफेल (Rafale)
- 2 सुखोई-30 MKI (Su-30 MKI)
- 2 मिग-29 (MiG-29)
- 1 जैगुआर (Jaguar)
शामिल थे। यह फॉर्मेशन भारतीय वायुसेना की विविध और आधुनिक क्षमताओं को दर्शाता है।

Operation Sindoor के बाद पहला गणतंत्र दिवस
यह गणतंत्र दिवस समारोह Operation Sindoor के बाद पहला राष्ट्रीय आयोजन था। उल्लेखनीय है कि भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था।
इस ऑपरेशन के तहत:
- भारतीय वायुसेना और
- भारतीय सेना
ने पाकिस्तान के भीतर आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। यह कार्रवाई अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद की गई थी, जिसमें आतंकी ढांचे को नष्ट करने का लक्ष्य रखा गया था। इस साल के गणतंत्र दिवस पर भारत ने उसी ऑपरेशन से जुड़ी सैन्य क्षमताओं को खुलकर प्रदर्शित किया।
Kartavya Path पर युद्ध जैसी झलक
इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में एक और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला। पहली बार भारत की सैन्य संपत्तियां Kartavya Path पर वास्तविक युद्ध क्रम (Combat Sequence) में आगे बढ़ीं। इस क्रम में:
- सबसे पहले Reconnaissance (जासूसी/निगरानी)
- फिर लॉजिस्टिक्स यूनिट्स
- उसके बाद सैन्य वाहन और जवान
युद्ध उपकरणों और Battle Gear में दिखाई दिए। यह प्रस्तुति भारत की आधुनिक युद्ध रणनीति को दर्शाने वाली थी।

30 झांकियों ने बढ़ाई परेड की भव्यता
गणतंत्र दिवस परेड सुबह 10:30 बजे शुरू हुई। इस दौरान कुल 30 झांकियां Kartavya Path से गुजरीं। इनमें:
- 17 झांकियां राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की
- 13 झांकियां मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की
शामिल रहीं। हर झांकी ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा को दर्शाया।
Operation Sindoor को समर्पित विशेष Formations
इस वर्ष की परेड में Operation Sindoor की सफलता को समर्पित कई सैन्य फॉर्मेशन भी प्रदर्शित किए गए। विंग कमांडर राजेश देशवाल ने मीडिया को बताया कि परेड में:
- Prahar Formation
- Garud Formation
- और विशेष Sindoor Formation
को शामिल किया गया।
Prahar और Garud Formation की खासियत
Prahar Formation
इस फॉर्मेशन में:
- 3 एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH)
- 2 भारतीय सेना के
- 1 भारतीय वायुसेना का
शामिल था। इस फॉर्मेशन का लीड हेलीकॉप्टर Operation Sindoor का झंडा लेकर उड़ान भर रहा था।
Garud Formation
Prahar Formation के बाद Garud Formation ने उड़ान भरी। दोनों फॉर्मेशन Battle Array Format में थे, जो युद्धकालीन तैनाती को दर्शाते हैं।
Sindoor Formation: आसमान की सबसे ताकतवर झलक
विंग कमांडर राजेश देशवाल के अनुसार, Sindoor Formation इस वर्ष की फ्लाईपास्ट का सबसे शक्तिशाली हिस्सा था।
इसमें शामिल थे:
- 2 Rafale
- 2 MiG-29
- 2 Su-30 MKI
- 1 Jaguar
यह फॉर्मेशन भारत की एयर डॉमिनेंस और मल्टी-रोल क्षमता का प्रतीक बना।
कुल 29 विमान फ्लाईपास्ट में शामिल
इस वर्ष के फ्लाईपास्ट में कुल 29 विमान शामिल हुए। इनमें
- 16 फाइटर एयरक्राफ्ट
- 4 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट
- 9 हेलीकॉप्टर
शामिल थे। ये विमान देश के 6 अलग-अलग एयर बेस से उड़ान भरकर दिल्ली पहुंचे।
सैन्य ताकत और रणनीतिक संदेश
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष का फ्लाईपास्ट केवल एक परंपरा नहीं था, बल्कि यह भारत का रणनीतिक संदेश भी था।
यह संदेश साफ था कि:
- भारत अपनी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है
- आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख रखता है
- और आधुनिक युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है
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