The Journalist News (Lucknow): उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार 1 जुलाई से 7 जुलाई तक पूरे प्रदेश में वन महोत्सव का आयोजन करेगी। इस दौरान राज्यभर में व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। साथ ही लोगों को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त वातावरण के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने वन महोत्सव के दौरान फलदार वृक्षों की देशी प्रजातियों के अधिक से अधिक रोपण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनाना है।
‘आम बहार आपके द्वार’ अभियान की होगी शुरुआत
वन महोत्सव के तहत वन विभाग “आम बहार आपके द्वार” अभियान चलाएगा। इस अभियान के माध्यम से प्रदेशभर में आम के पौधों का व्यापक वितरण किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग अपने घरों, खेतों और सार्वजनिक स्थानों पर फलदार वृक्ष लगा सकें। सरकार का मानना है कि आम जैसे फलदार वृक्ष न केवल पर्यावरण को बेहतर बनाते हैं, बल्कि भविष्य में आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से भी लाभकारी साबित होते हैं।

हर विकास खंड में लगेगा ‘आम भंडारा’
वन विभाग ने प्रदेश के प्रत्येक विकास खंड में “आम भंडारा” आयोजित करने की योजना बनाई है। इस कार्यक्रम के तहत आम की देशी और अन्य प्रमुख प्रजातियों के पौधे लोगों के बीच वितरित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक फलदार वृक्षों का संरक्षण करना और प्रदेश में हरियाली को बढ़ावा देना है। विभाग लोगों को पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण के लिए भी प्रेरित करेगा।
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पौधरोपण के साथ जनजागरूकता अभियान
वन महोत्सव के दौरान केवल पौधे लगाने तक ही अभियान सीमित नहीं रहेगा। प्रदेशभर में पौधरोपण के महत्व और पर्यावरण संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते वन क्षेत्र जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पौधरोपण कितना आवश्यक है।
जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन पर विशेष जोर
सरकार ने इस बार वन महोत्सव में वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) और जल संरक्षण को भी प्रमुख विषय बनाया है। लोगों को वर्षा के पानी के बेहतर उपयोग और जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पौधरोपण के साथ जल संरक्षण पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए, तो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में बड़ी मदद मिल सकती है।
प्लास्टिक मुक्त वातावरण का भी संदेश
वन महोत्सव के दौरान प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य लोगों को सिंगल-यूज प्लास्टिक से दूरी बनाने और पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करना है। वन विभाग लोगों से अपील करेगा कि वे पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल भी करें, ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में बड़े वृक्ष बनकर पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकें।
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