Home बिजनेस Flipkart Myntra पर ₹3000 करोड़ के ‘डिस्काउंट खेल’ का आरोप, CCI में शिकायत; 33 चुनिंदा सेलर्स को फायदा पहुंचाने का दावा
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Flipkart Myntra पर ₹3000 करोड़ के ‘डिस्काउंट खेल’ का आरोप, CCI में शिकायत; 33 चुनिंदा सेलर्स को फायदा पहुंचाने का दावा

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Collage of Flipkart and Myntra office buildings with a red Hindi news banner across the bottom windowed facade.
Source: AI
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The Journalist News (Lucknow): देश के प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart और Myntra एक नए विवाद में घिर गए हैं। Forum for Internet Retailers, Sellers and Traders (FIRST) ने आरोप लगाया है कि Flipkart ने कथित तौर पर ₹3000 करोड़ का ‘सब्सिडी पूल’ तैयार कर चुनिंदा विक्रेताओं को अनुचित लाभ पहुंचाया। इस मामले को लेकर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) में शिकायत दर्ज कर जांच की मांग की गई है।

क्या हैं आरोप?

शिकायत में दावा किया गया है कि Flipkart ने अपने प्लेटफॉर्म पर 33 चुनिंदा सेलर्स को विशेष लाभ पहुंचाने के लिए भारी छूट (Discount) की व्यवस्था की। FIRST का आरोप है कि इन चुनिंदा विक्रेताओं को ऐसे डिस्काउंट और सब्सिडी का लाभ मिला, जिससे अन्य विक्रेताओं के लिए प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कथित तौर पर करीब ₹3000 करोड़ का “सब्सिडी पूल” तैयार किया गया, जिसके जरिए विशेष सेलर्स को फायदा पहुंचाया गया।

CCI में पहुंचा मामला

Blue signboard reading 'Competition Commission of India' with Hindi text above and the emblem on the left.
Source CCI

इन आरोपों को लेकर FIRST ने Competition Commission of India (CCI) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आयोग से पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की गई है। यदि CCI प्रारंभिक जांच में शिकायत को उचित पाता है, तो वह मामले की विस्तृत जांच का आदेश दे सकता है।

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ई-कॉमर्स सेक्टर पर असर

Celebration-themed online shopping scene with a smartphone showing a shopping cart, confetti, and 50% badges on a blue background.
Source AI

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देश में ई-कॉमर्स कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति, डिस्काउंट मॉडल और मार्केट प्रतिस्पर्धा को लेकर लगातार बहस होती रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो इसका असर ई-कॉमर्स क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा और छोटे विक्रेताओं के कारोबार पर पड़ सकता है।

अभी आरोपों की जांच बाकी

फिलहाल यह मामला शिकायत के स्तर पर है और संबंधित आरोपों की जांच होना बाकी है। अभी तक किसी सक्षम प्राधिकरण ने इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है। CCI की ओर से आगे की प्रक्रिया शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तय की जाएगी।

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