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निवेशकों की ठगी के आरोपी रोहतास ग्रुप पर ED की बड़ी कार्रवाई

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Source: News 18
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लखनऊ में निवेशकों के अरबों रुपये हड़पने के आरोपी रोहतास ग्रुप के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत ED ने करीब 350 करोड़ रुपये मूल्य की 77 चल और अचल संपत्तियां जब्त की हैं। ED अधिकारियों के अनुसार, इन संपत्तियों को पहले लगभग 158.85 करोड़ रुपये में खरीदा गया था, लेकिन वर्तमान बाजार मूल्य बढ़कर 350 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।


लखनऊ में स्थित हैं सभी जब्त संपत्तियां

ED द्वारा जब्त की गई सभी अचल संपत्तियां उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित हैं। इनमें रिहायशी और व्यावसायिक दोनों तरह की संपत्तियां शामिल हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि इन संपत्तियों को निवेशकों से जुटाए गए अवैध धन से खरीदा गया था और बाद में इन्हें अलग-अलग कंपनियों और व्यक्तियों के नाम पर दर्ज करा दिया गया।


रोहतास ग्रुप के संचालक दीपक रस्तोगी पर शिकंजा

ED की जांच में सामने आया है कि जब्त की गई कई संपत्तियां रोहतास ग्रुप के संचालक दीपक रस्तोगी और उनकी सहयोगी कंपनियों के नाम पर पंजीकृत हैं। इसके अलावा, कुछ संपत्तियां बेनामीदारों के नाम पर दर्ज पाई गईं, ताकि अवैध धन के स्रोत को छिपाया जा सके।


सहयोगी कंपनियों के नाम पर दर्ज थीं संपत्तियां

जांच के दौरान ED को यह भी पता चला कि कई संपत्तियां वर्धन टाउनशिप, अध्याय रियल्टी और अन्य सहयोगी कंपनियों के नाम पर दर्ज हैं। इन कंपनियों का इस्तेमाल कथित तौर पर निवेशकों के पैसे को रियल एस्टेट में लगाने और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया।


हाईनेस इंफ्रा डेवलपर्स की संपत्तियां भी जब्त

ED ने हाईनेस इंफ्रा डेवलपर्स के नाम दर्ज 17.64 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां भी जब्त की हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि इस कंपनी का इस्तेमाल भी ठगी से अर्जित धन को छिपाने और निवेश करने के लिए किया गया था।


पहले भी हो चुकी है बड़ी जब्ती

यह पहली बार नहीं है जब रोहतास ग्रुप पर ED ने कार्रवाई की हो। इससे पहले भी ED:

  • 110 करोड़ रुपये मूल्य की
  • 68 संपत्तियां

जब्त कर चुकी है।

इस तरह अब तक कुल मिलाकर सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्तियां ED के कब्जे में आ चुकी हैं।


83 FIR के आधार पर दर्ज हुआ मनी लॉन्ड्रिंग केस

ED की यह कार्रवाई निवेशकों द्वारा दर्ज 83 FIR के आधार पर की गई है। इन FIR में आरोप है कि रोहतास ग्रुप ने रियल एस्टेट और अन्य निवेश योजनाओं के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये जमा किए, लेकिन न तो समय पर प्रोजेक्ट पूरे किए गए और न ही निवेशकों का पैसा लौटाया गया। इन मामलों को आधार बनाकर ED ने Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत केस दर्ज किया था।


निवेशकों से कैसे की गई कथित ठगी

जांच एजेंसियों के अनुसार, रोहतास ग्रुप ने:

  • आकर्षक रिटर्न का वादा किया
  • रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश के नाम पर पैसे जुटाए
  • समय पर फ्लैट या प्लॉट नहीं दिए
  • और बाद में निवेशकों का पैसा दूसरी जगहों पर घुमा दिया

जब निवेशकों ने अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा।


मनी लॉन्ड्रिंग का पूरा नेटवर्क

ED की जांच में यह भी सामने आया है कि निवेशकों से जुटाए गए पैसे को:

  • अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया
  • शेल कंपनियों के जरिए घुमाया गया
  • और फिर रियल एस्टेट में निवेश किया गया

इस पूरे नेटवर्क का उद्देश्य अवैध धन को वैध दिखाना था।


बेनामी संपत्तियों पर फोकस

ED अधिकारियों के अनुसार, जांच का एक बड़ा हिस्सा बेनामी संपत्तियों पर केंद्रित है। कई संपत्तियां ऐसे लोगों के नाम पर दर्ज पाई गईं, जिनका रोहतास ग्रुप के कारोबार से सीधे कोई संबंध नहीं दिखाया गया था। हालांकि, दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच से इन कड़ियों को जोड़ा गया।


ED की आगे की कार्रवाई जारी

ED का कहना है कि यह कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है। जांच एजेंसी:

  • अन्य संपत्तियों की पहचान
  • बैंक खातों की जांच
  • और अन्य सहयोगियों की भूमिका

की भी जांच कर रही है।

आने वाले दिनों में और संपत्तियों की जब्ती या आरोपियों से पूछताछ की जा सकती है।


निवेशकों में उम्मीद की किरण

ED की इस कार्रवाई के बाद ठगी के शिकार निवेशकों में उम्मीद जगी है कि उन्हें उनका पैसा वापस मिल सकता है। कई निवेशकों ने कहा है कि वे सालों से न्याय की उम्मीद में दर-दर भटक रहे थे। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जब्त संपत्तियों को नीलाम किया जाता है, तो उससे निवेशकों को राहत मिल सकती है।


बड़े रियल एस्टेट घोटालों में शामिल नाम

रोहतास ग्रुप का नाम उत्तर प्रदेश के बड़े रियल एस्टेट घोटालों में लिया जाता रहा है। समय-समय पर इस समूह के खिलाफ:

  • पुलिस
  • आर्थिक अपराध शाखा
  • और अन्य एजेंसियों

द्वारा भी मामले दर्ज किए गए हैं।


ED की सख्त चेतावनी

ED ने स्पष्ट किया है कि निवेशकों की मेहनत की कमाई से की गई ठगी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

आगे पढ़िए: ओडिशा में तंबाकू और निकोटीन युक्त उत्पादों पर राज्यव्यापी प्रतिबंध

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Sanskriti Tyagi
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