बिहार की राजनीति में एक बार फिर चर्चा का केंद्र बना है लालू प्रसाद यादव का परिवार। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, हाल के दिनों में परिवार के भीतर बढ़ते मतभेदों की फुसफुसाहट तेज़ हुई है। इन विवादों के संभावित कारणों में पूर्व सांसद के दामाद का नाम प्रमुख रूप से सामने आने की बात कही जा रही है।
क्या है विवाद की जड़?
सूत्रों का कहना है कि परिवार के भीतर कुछ राजनीतिक और निजी निर्णयों को लेकर असहमति बढ़ी है। कहा जा रहा है कि पूर्व सांसद के दामाद से जुड़े कुछ निर्णयों, रिश्तों और प्रभाव के कारण परिवार में अलग-अलग धड़े बनने की स्थिति बनी है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर किसी भी सदस्य ने इस पर कोई खुला बयान नहीं दिया है।

परिवार में बदलती प्राथमिकताएँ
राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहने वाला यह परिवार हमेशा से एकजुट छवि के लिए जाना जाता रहा है। लेकिन हाल के दिनों में निर्णय प्रक्रिया में बदलाव,राजनीति में नई पीढ़ी का उभार,और बाहरी रिश्तों का प्रभाव इन सबने मिलकर परिवार के भीतर तनाव की स्थिति को बढ़ाने का काम किया है।
पार्टी पर क्या पड़ेगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति नियंत्रित नहीं हुई, तो इसका असर पार्टी की रणनीति और चुनावी तैयारी पर भी दिख सकता है।
पार्टी कार्यकर्ताओं में भी इस विषय पर चर्चा तेज़ है, हालांकि सभी आधिकारिक तौर पर परिवार को एकजुट बताते रहे हैं।
परिवार की चुप्पी बढ़ा रही है अटकलें
लालू परिवार की ओर से इस संभावित विवाद पर कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि आंतरिक मतभेदों को सार्वजनिक होने से रोकने की कोशिश जारी है।
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