सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट
सोना और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। लगातार तूफानी तेजी से भाग रही इन कीमती धातुओं के दाम बाजार खुलते ही क्रैश हो गए। निवेशकों और कारोबारियों के लिए यह गिरावट चौंकाने वाली रही, क्योंकि बीते कुछ समय से सोना और चांदी लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे थे। सबसे बड़ी गिरावट चांदी की कीमतों में दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के वायदा भाव में करीब 24,000 रुपये तक की भारी गिरावट देखने को मिली। वहीं, सोना भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा और बाजार खुलते ही 10 ग्राम पर लगभग 8,000 रुपये तक सस्ता हो गया।
चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट
चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट हाल के महीनों की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। MCX पर चांदी के वायदा भाव में अचानक तेज बिकवाली देखी गई, जिससे कीमतें तेजी से नीचे फिसल गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में चांदी में आई असामान्य तेजी के बाद मुनाफावसूली (Profit Booking) का दबाव बनना तय था। जैसे ही बाजार खुला, निवेशकों ने तेजी से मुनाफा निकालना शुरू किया और इसका असर सीधे कीमतों पर पड़ा।
सोने के भाव भी टूटे, निवेशकों को झटका
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। MCX पर सोने का भाव खुलते ही ₹8,000 प्रति 10 ग्राम तक टूट गया। यह गिरावट उन निवेशकों के लिए झटका साबित हुई, जिन्होंने ऊंचे स्तर पर सोने में निवेश किया था। हालांकि, सोना अभी भी लंबे समय के निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है।
आखिर क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
विशेषज्ञों के अनुसार, सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं:
- मुनाफावसूली का दबाव
बीते हफ्तों में सोना और चांदी लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे थे। ऐसे में निवेशकों ने मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया, जिससे कीमतों पर दबाव बना।
- डॉलर और बॉन्ड यील्ड का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बदलाव का असर भी कीमती धातुओं पर पड़ा है।
- ग्लोबल संकेत
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों का प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोना और चांदी दबाव में दिखे। ग्लोबल मार्केट में जब कीमती धातुओं की कीमतें कमजोर होती हैं, तो उसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी बाजारों में अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता ने भी इस गिरावट को हवा दी।
निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट को घबराने की बजाय समझदारी से देखने की जरूरत है।
- लॉन्ग टर्म निवेशक: लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का मौका हो सकती है।
- शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स: उन्हें सतर्क रहने और स्टॉप लॉस के साथ ट्रेड करने की सलाह दी जा रही है।
आगे क्या हो सकती है कीमतों की चाल?
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अगर वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो कीमतों में दोबारा मजबूती आ सकती है। हालांकि, फिलहाल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और निवेशकों को सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत है।
एक्सपर्ट्स की राय
कमोडिटी बाजार के जानकारों का कहना है कि यह गिरावट पूरी तरह अस्थायी हो सकती है। लंबे समय में सोना और चांदी की चमक बरकरार रहने की उम्मीद है, लेकिन शॉर्ट टर्म में अस्थिरता बनी रह सकती है।
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