कल उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस है और इस मौके पर राजधानी लखनऊ में भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की ओर से स्थापना दिवस को बड़े स्तर पर मनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बीच सबसे अहम खबर यह है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कल लखनऊ पहुंचेंगे और स्थापना दिवस समारोह में हिस्सा लेंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस हर साल 24 जनवरी को मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1950 में उत्तर प्रदेश का गठन हुआ था। इस अवसर पर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, विकास यात्रा और उपलब्धियों को जनता के सामने प्रस्तुत किया जाता है। इस बार का स्थापना दिवस इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि केंद्र और राज्य सरकार की कई बड़ी योजनाओं और उपलब्धियों को मंच से साझा किया जाएगा।
लखनऊ में कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी
राजधानी लखनऊ में स्थापना दिवस समारोह को लेकर बीते कई दिनों से तैयारियां चल रही हैं। मुख्य आयोजन स्थल को सजाया गया है और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रिहर्सल भी पूरी कर ली गई है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कलाकार लखनऊ पहुंचे हैं, जो उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति, लोकनृत्य और परंपराओं की झलक मंच पर दिखाएंगे। सरकारी विभागों की ओर से विकास प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, उद्योग, निवेश और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इसका मकसद आम जनता को यह बताना है कि बीते वर्षों में उत्तर प्रदेश ने किन-किन क्षेत्रों में प्रगति की है।
अमित शाह का लखनऊ दौरा क्यों है अहम
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का लखनऊ दौरा राजनीतिक और प्रशासनिक, दोनों ही लिहाज से अहम माना जा रहा है। स्थापना दिवस समारोह में उनके शामिल होने से कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर की पहचान मिलती है। माना जा रहा है कि अमित शाह अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा, कानून-व्यवस्था और केंद्र-राज्य के सहयोग से चल रही योजनाओं पर प्रकाश डाल सकते हैं। इसके अलावा उनका यह दौरा आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गृह मंत्री का उत्तर प्रदेश दौरा हमेशा से ही राजनीतिक संदेश देने वाला रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
अमित शाह के आगमन को देखते हुए लखनऊ में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक कई स्तरों पर सुरक्षा घेरा बनाया गया है। पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें और कार्यक्रम के दौरान प्रशासन का सहयोग करें।
स्थापना दिवस का ऐतिहासिक महत्व
उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और देश की राजनीति, संस्कृति और अर्थव्यवस्था में इसकी अहम भूमिका रही है। 24 जनवरी 1950 को उत्तर प्रदेश अस्तित्व में आया था। तब इसे संयुक्त प्रांत के नाम से जाना जाता था, जिसे बाद में उत्तर प्रदेश नाम दिया गया। स्थापना दिवस का उद्देश्य सिर्फ उत्सव मनाना नहीं, बल्कि प्रदेश की पहचान, गौरव और संभावनाओं को सामने लाना भी है। यही कारण है कि हर साल इसे और अधिक भव्य रूप दिया जा रहा है।
संस्कृति और परंपरा की झलक
इस बार स्थापना दिवस समारोह में उत्तर प्रदेश की विविध संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। ब्रज की होली, बुंदेलखंड का लोकनृत्य, अवध की कथक शैली और पूर्वांचल की लोक परंपराएं मंच पर प्रस्तुत की जाएंगी। इसके साथ ही राज्य के प्रसिद्ध व्यंजन, हस्तशिल्प और कला को भी प्रदर्शनी के माध्यम से दिखाया जाएगा। यह आयोजन न सिर्फ प्रदेशवासियों के लिए, बल्कि बाहर से आने वाले मेहमानों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।
विकास और उपलब्धियों का प्रदर्शन
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को भी प्रमुखता से रखा जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, निवेश प्रस्ताव, कानून-व्यवस्था में सुधार और डिजिटल सेवाओं जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी। सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश आज निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। स्थापना दिवस के मंच से इन उपलब्धियों को जनता के सामने रखा जाएगा।
युवाओं और महिलाओं पर फोकस
इस बार के स्थापना दिवस समारोह में युवाओं और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं पर विशेष फोकस रहेगा। स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप, स्वयं सहायता समूह और महिला सशक्तिकरण की योजनाओं को प्रदर्शनी और कार्यक्रमों के जरिए दर्शाया जाएगा। सरकार का मानना है कि युवा और महिलाएं ही उत्तर प्रदेश के विकास की असली ताकत हैं।
राजनीतिक नजरिए से भी अहम दिन
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अमित शाह का यह दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं है। स्थापना दिवस जैसे बड़े मंच से दिया गया संदेश दूरगामी असर डाल सकता है। उनके भाषण पर न सिर्फ प्रदेश, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रहेगी।
लोगों में उत्साह
स्थापना दिवस को लेकर आम लोगों में भी उत्साह देखा जा रहा है। लखनऊ समेत कई जिलों में सरकारी और निजी संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्कूल-कॉलेजों में भी स्थापना दिवस से जुड़े आयोजन होंगे।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे स्थापना दिवस कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और गरिमामय ढंग से मनाएं। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
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