लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के उद्यमियों और व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब मामूली गलती या तकनीकी उल्लंघन पर किसी व्यापारी या उद्योगपति को जेल नहीं भेजा जाएगा। सरकार ने 13 पुराने औद्योगिक एवं व्यापारिक नियमों में संशोधन करते हुए 99% आपराधिक प्रावधानों को समाप्त कर दिया है।
क्या है नया बदलाव : राज्य सरकार ने “उत्तर प्रदेश सुगम्य व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) अध्यादेश-2025” को मंजूरी दी है।
इस अध्यादेश के तहत
- 13 प्रमुख अधिनियमों में जेल वाले प्रावधान हटाए गए हैं।
- अब केवल जुर्माना या प्रशासनिक कार्रवाई होगी।
- हर तीन साल में जुर्माने की राशि 10% तक बढ़ाई जाएगी।
- उद्देश्य है “ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस” को बढ़ावा देना और निवेश के माहौल को बेहतर बनाना।

किन अधिनियमों में बदलाव : सरकार ने कई पुराने औद्योगिक कानूनों में बदलाव किए हैं
जिनमें प्रमुख हैं:
- फैक्ट्री अधिनियम
- दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम
- मोटर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स एक्ट
- अनुबंध श्रमिक अधिनियम
- बॉयलर अधिनियम आदि।
पहले इन अधिनियमों में मामूली गलती पर भी जेल का प्रावधान था, लेकिन अब इन्हें गैर-आपराधिक (Non-Criminal) श्रेणी में ला दिया गया है।
सरकार का उद्देश्य : राज्य सरकार का कहना है कि पुराने कानूनों में मौजूद कठोर प्रावधानों के कारण उद्यमियों में भय का माहौल था।
अब इस बदलाव से
- व्यापार शुरू करना और चलाना आसान होगा,
- उद्योगों में निवेश का माहौल बढ़ेगा,
- और राज्य में रोजगार सृजन को गति मिलेगी।
योगी आदित्यनाथ सरकार का लक्ष्य है कि यूपी को देश का “नंबर-1 निवेश गंतव्य” बनाया जाए।

पर्यावरण निदेशालय का नाम भी बदला गया : फैसले के साथ ही राज्य सरकार ने पर्यावरण निदेशालय, उत्तर प्रदेश का नाम बदलकर अब “पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय, उत्तर प्रदेश” कर दिया है।
इस नाम परिवर्तन से राज्य सरकार ने यह संकेत दिया है कि अब नीतियां केवल प्रदूषण नियंत्रण तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक मुद्दों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार की मंशा स्पष् : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि
“व्यापारियों और उद्यमियों को भयमुक्त वातावरण देना हमारी प्राथमिकता है। अब कोई भी ईमानदार व्यवसायी अनावश्यक कानूनी कार्यवाही का शिकार नहीं होगा।”सरकार का कहना है कि यह कदम ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ और ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ दोनों को बढ़ावा देगा।
व्यापारी वर्ग की प्रतिक्रिया : लघु और मध्यम उद्यमियों ने इस कदम का स्वागत किया है।
उनका कहना है कि “यह निर्णय लंबे समय से अपेक्षित था। अब हमें जेल का डर नहीं रहेगा, बल्कि हम कारोबार पर ध्यान दे पाएंगे।”
Leave a comment