लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बहराइच में चर्चित रामगोपाल मिश्रा हत्याकांड पर गुरुवार, 11 दिसंबर 2025 को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने मुख्य आरोपी सरफराज को फांसी की सजा सुनाई है, जबकि नौ अन्य दोषियों जिनमें उसका पिता और भाई शामिल हैं, उनको आजीवन कारावास मिला है।
यह फैसला घटना के करीब 14 महीने बाद आया है।
क्या था पूरा मामला?
13 अक्टूबर 2024 को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान महराजगंज बाजार में अचानक विवाद भड़क गया था। इसी दौरान रामगोपाल मिश्रा को गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव फैल गया था, जिसके चलते कई दिनों तक हालात तनावपूर्ण बने रहे।

अदालत ने क्या कहा?
बहराइच की स्थानीय अदालत ने गुरुवार, 11 दिसंबर 2025 को बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने:
- मुख्य आरोपी सरफराज को फांसी की सजा
- अन्य 9 दोषियों को उम्रकैद
- सभी 10 दोषियों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना
- कुल 13 में से 3 आरोपी सबूतों के अभाव में बरी
पीड़ित परिवार ने अदालत के इस फैसले को “सच्चा न्याय” बताया और कहा कि उन्हें अब न्यायपालिका पर पहले से ज्यादा भरोसा है।
परिवार का दर्द…तीन बेटों की मौत ने तोड़ दिया पूरा घर
रामगोपाल मिश्रा के परिवार पर पिछले कुछ सालों में लगातार दुखों का पहाड़ टूटा है। उनके कुल चार भाई और दो बहनें थीं।
लेकिन परिवार के अंदर मौत का ऐसा सिलसिला चला कि:
- एक भाई ने फांसी लगाकर जान दे दी,
- दूसरे की डूबने से मौत हो गई,
- और अब रामगोपाल मिश्रा की भी 25 साल से कम उम्र में हत्या हो गई।
मां मुन्नी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह चीख-चीखकर कहती है मेरे बेटे का पूरा शरीर छलनी कर दिया… नाक पर मारा, गर्दन पर मारा, सिर पर मारा… हमारा पूरा घर बर्बाद कर दिया।
उनके पिता कैलाश चंद्र मिश्रा सदमे में सड़क के किनारे बैठे रहते हैं। हर आने-जाने वाले को बस निहारते रहते हैं। टूटी आवाज़ में कहते हैं- बेटा मेरा सहारा था… बाइक भी वही चलाता था। अब बहू का क्या होगा? काश बेटा विसर्जन में न गया होता… उसकी जान बच जाती।
CM योगी से मां ने कहा था-हमारा सब कुछ छिन गया
हत्या के बाद परिवार ने एक साल पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी।
पिता, मां और पत्नी तीनों फफक-फफककर रोने लगे थे।

मां मुन्नी देवी ने कहा बेटे को बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला गया… हमारा सब कुछ छिन गया।
पत्नी रोली, चेहरे पर घूंघट और आंखों में आंसू लिए, सीएम के सामने बैठी थी। टूटे हुए स्वर में बोली मेरी दुनिया उजड़ गई…मुझे न्याय चाहिए।
उस पल सीएम ऑफिस में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा था, आपकी पूरी मदद की जाएगी। न्याय में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
सरकार की ओर से परिवार को 10 लाख रुपए, एक प्रधानमंत्री आवास, आयुष्मान कार्ड और पत्नी रोली को संविदा पर नौकरी देने की बात कही थी।
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