उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी के दालमंडी इलाके में मंगलवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने अवैध निर्माण के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। लंबे समय से अवैध घोषित किए गए मकानों को ध्वस्त करने का काम सुबह से ही शुरू कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया। यह कार्रवाई न केवल दालमंडी बल्कि पूरे वाराणसी शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रशासन की सख्ती और बुलडोजर की गूंज ने यह साफ कर दिया है कि अवैध निर्माण को लेकर अब किसी तरह की ढील नहीं बरती जाएगी।
सुबह से शुरू हुई कार्रवाई
मंगलवार की सुबह जैसे ही दालमंडी इलाके में VDA की टीम और भारी पुलिस बल पहुंचा, पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई। जिन मकानों को पहले ही अवैध घोषित किया जा चुका था, उन्हें एक-एक कर गिराने की प्रक्रिया शुरू की गई। बुलडोजर की मदद से मकानों को ध्वस्त किया गया, वहीं मजदूरों की टीम मलबा हटाने में जुटी रही। प्रशासन ने पहले से ही इलाके में बैरिकेडिंग कर दी थी, ताकि आम लोगों की आवाजाही नियंत्रित की जा सके और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

पहले से ध्वस्त भवनों का मलबा भी हटाया गया
VDA की कार्रवाई सिर्फ मकान गिराने तक सीमित नहीं रही। इससे पहले जिन भवनों को तोड़ा जा चुका था, उनके मलबे को हटाने का काम भी लगातार जारी रहा। भारी मशीनों और ट्रकों की मदद से मलबा हटाया गया, ताकि इलाके को पूरी तरह साफ किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि मलबा हटाना उतना ही जरूरी है, जितना कि अवैध निर्माण को ध्वस्त करना। इससे न सिर्फ इलाके की तस्वीर बदलेगी बल्कि भविष्य में किसी नए अवैध निर्माण की संभावना भी कम होगी।
सैकड़ों की संख्या में तैनात रहा पुलिस बल
इस पूरी कार्रवाई के दौरान सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ PAC और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी पूरे इलाके पर नजर रखी गई। पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य था कि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी तरह का विरोध या हंगामा न हो। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
VDA की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, दालमंडी में की गई यह कार्रवाई VDA की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इससे पहले भी शहर के कई इलाकों में अवैध निर्माण हटाए गए हैं, लेकिन दालमंडी में इतने बड़े पैमाने पर एक साथ मकानों को गिराया जाना एक बड़ी घटना है। VDA अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शहरी नियोजन, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

क्यों जरूरी थी यह कार्रवाई?
दालमंडी वाराणसी का एक पुराना और घनी आबादी वाला इलाका है। यहां वर्षों से अवैध निर्माण की शिकायतें मिल रही थीं। संकरी गलियां, अनियंत्रित निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी थी। VDA के अनुसार, इन अवैध मकानों के कारण
- यातायात व्यवस्था बाधित हो रही थी
- आपातकालीन सेवाओं को पहुंचने में दिक्कत होती थी
- आग और अन्य हादसों का खतरा बना रहता था
इन्हीं कारणों से अवैध घोषित किए गए मकानों को हटाने का फैसला लिया गया।
स्थानीय लोगों में मिला-जुला असर
कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने प्रशासन के कदम का समर्थन किया, तो कुछ लोग इसे लेकर नाराज भी नजर आए। हालांकि प्रशासन का साफ कहना है कि सभी संबंधित पक्षों को पहले ही नोटिस दिया गया था और नियमानुसार ही यह कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन का सख्त संदेश
इस कार्रवाई के जरिए प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि अवैध निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी शहर के अन्य इलाकों में इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है।
VDA का कहना है कि शहर को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारू बनाने के लिए यह कदम जरूरी है।
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