बिहार में बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बक्सर जिले के इटाढ़ी गुमटी रेलवे क्रॉसिंग पर लगभग 26.40 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया रोड ओवर ब्रिज (ROB) उद्घाटन के महज 96 घंटे के भीतर ही धंस गया। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पुल के पाया संख्या 5 के पास ऊपरी परत धंस गई, जिसके बाद एहतियातन बड़े वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही जा रही है।
उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सामने आई समस्या
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस रोड ओवर ब्रिज को लंबे इंतजार के बाद जनता के लिए खोला गया था, उसमें उद्घाटन के चार दिन के भीतर ही तकनीकी खामी दिखाई देने लगी। पुल के एक हिस्से में जमीन और ऊपरी सतह धंसने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि शुरुआत में पुल के आसपास हल्की दरारें और धंसाव के संकेत दिखाई दिए थे, लेकिन बाद में स्थिति अधिक गंभीर हो गई। इसके बाद प्रशासन को बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने का निर्णय लेना पड़ा।

पाया संख्या 5 के पास धंसा हिस्सा
मिली जानकारी के अनुसार, धंसाव की घटना रोड ओवर ब्रिज के पाया संख्या 5 के निकट हुई। इस क्षेत्र में सड़क की ऊपरी परत नीचे बैठ गई, जिससे पुल की स्थिरता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि अभी तक संबंधित विभाग की ओर से विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन शुरुआती स्तर पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी वाहनों को रोक दिया गया है। हल्के वाहनों की आवाजाही को लेकर भी निगरानी रखी जा रही है।
स्थानीय लोगों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
घटना के बाद स्थानीय निवासियों और क्षेत्र के लोगों ने निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार और घटिया सामग्री के इस्तेमाल के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि करोड़ों रुपये की लागत से बना पुल कुछ ही दिनों में धंसने लगे तो यह निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कई स्थानीय लोगों का दावा है कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता मानकों का ठीक तरह से पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके पुल धंसने की खबर सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि लंबे समय तक इंतजार करने के बाद क्षेत्र को यह महत्वपूर्ण परियोजना मिली थी, लेकिन इतनी जल्दी सामने आई समस्या ने भरोसे को झटका दिया है। स्थानीय व्यापारियों और वाहन चालकों का कहना है कि यदि पुल की स्थिति समय रहते नहीं सुधारी गई तो यातायात प्रभावित हो सकता है। साथ ही लोगों ने निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की है।
क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण परियोजना था ROB
इटाढ़ी गुमटी रेलवे क्रॉसिंग पर बनाया गया यह रोड ओवर ब्रिज क्षेत्रीय यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम और लंबी प्रतीक्षा की समस्या को कम करने के लिए इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा था। पुल के शुरू होने से स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि आवागमन आसान होगा और समय की बचत होगी। लेकिन उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सामने आई इस घटना ने परियोजना की सफलता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
तकनीकी जांच की मांग तेज
घटना के बाद विभिन्न स्तरों पर तकनीकी जांच की मांग उठने लगी है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विस्तृत इंजीनियरिंग निरीक्षण जरूरी है। जांच के दौरान निम्नलिखित पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है:
- मिट्टी की गुणवत्ता और भू-तकनीकी स्थिति
- निर्माण सामग्री की गुणवत्ता
- डिजाइन मानकों का पालन
- जल निकासी व्यवस्था की स्थिति
- निर्माण प्रक्रिया के दौरान की गई निगरानी
विशेषज्ञों का कहना है कि धंसाव के वास्तविक कारणों का पता लगाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
ऐसे मामलों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता माना जाता है। पुल के किसी भी हिस्से में धंसाव या संरचनात्मक कमजोरी दिखाई देने पर तत्काल निरीक्षण और मरम्मत आवश्यक हो जाती है। यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही रोकने का फैसला एहतियाती कदम के रूप में देखा जाना चाहिए। इससे संभावित जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
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