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पासपोर्ट नागरिकता का सबूत नहीं? ओवैसी ने MEA पर उठाए सवाल, बोले- गैर नागरिक को पासपोर्ट कैसे मिल सकता है?

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Indian passport on a dark desk with a yellow pen; circular inset shows a bearded man in a white cap speaking, as a news banner appears behind.
Source: NDTV
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The Journalist News (Lucknow): विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा यह स्पष्ट किए जाने के बाद कि पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज (Travel Document) है और इसे भारतीय नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता, इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इसी क्रम में AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद Asaduddin Owaisi ने केंद्र सरकार के रुख पर सवाल उठाए हैं। हैदराबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान ओवैसी ने कहा कि भारतीय पासपोर्ट केवल भारत के नागरिकों को ही जारी किया जाता है। ऐसे में यह कहना कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, कई सवाल खड़े करता है।

“पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिक को ही मिलता है”

ओवैसी ने कहा, “पासपोर्ट किसे जारी किया जाता है? पासपोर्ट केवल भारत के नागरिक को दिया जाता है। किसी पड़ोसी देश के नागरिक को भारतीय पासपोर्ट नहीं दिया जाता।” उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसे पासपोर्ट जारी करने का सवाल ही नहीं उठता।

Bearded man in a light gray suit and white cap speaks at a press conference, gesturing with his hand amid multiple microphones on the table.
Source Social Media

पासपोर्ट एक्ट का किया जिक्र

AIMIM प्रमुख ने अपने बयान में पासपोर्ट अधिनियम की धारा 6(2)(a) का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जो व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं है, उसे पासपोर्ट जारी नहीं किया जा सकता। ओवैसी के अनुसार, कानून की यह व्यवस्था बताती है कि पासपोर्ट और नागरिकता के बीच सीधा संबंध है।

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MEA ने क्या कहा था?

हाल ही में विदेश मंत्रालय ने एक स्पष्टीकरण में कहा था कि पासपोर्ट मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए जारी किया जाने वाला दस्तावेज है। मंत्रालय का कहना था कि नागरिकता निर्धारित करने के लिए संबंधित कानूनों और सक्षम प्राधिकरणों द्वारा तय प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है। इसी बयान के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा शुरू हो गई।

नागरिकता और दस्तावेजों पर बहस

भारत में नागरिकता से जुड़े मामलों में जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट और अन्य सरकारी दस्तावेजों की भूमिका को लेकर समय-समय पर बहस होती रही है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि विभिन्न दस्तावेज अलग-अलग उद्देश्यों के लिए जारी किए जाते हैं और नागरिकता से जुड़े मामलों में अंतिम निर्णय संबंधित कानूनों और जांच प्रक्रियाओं के आधार पर लिया जाता है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज

ओवैसी के बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है। विपक्षी दल केंद्र सरकार से इस विषय पर और स्पष्टता की मांग कर सकते हैं, जबकि सरकार का पक्ष है कि पासपोर्ट और नागरिकता की कानूनी परिभाषाएं अलग-अलग संदर्भों में देखी जानी चाहिए।

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