Home उत्तर प्रदेश राम मंदिर चढ़ावा मामले में बड़ा खुलासा, आज सीएम योगी को सौंपी जा सकती है एसआईटी रिपोर्ट
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राम मंदिर चढ़ावा मामले में बड़ा खुलासा, आज सीएम योगी को सौंपी जा सकती है एसआईटी रिपोर्ट

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Ornate Hindu temple adorned with colorful flowers and garlands for a festival, with steps and statues at the entrance.
Source: NBT
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The journalist News (Lucknow): अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि से जुड़े कथित चोरी और गबन मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) सोमवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप सकती है। सूत्रों के अनुसार, यह रिपोर्ट 150 से अधिक पन्नों की है, जिसमें दान राशि के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। मामले की जांच पिछले छह दिनों से लगातार की जा रही थी। इस दौरान एसआईटी ने बड़ी संख्या में संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए और कई डिजिटल साक्ष्य जुटाए। जांच टीम ने मंदिर परिसर में चढ़ावे की गणना और उससे जुड़े कार्यों का भी बारीकी से परीक्षण किया।

जांच में सामने आईं कई खामियां

सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में दान राशि की गणना, बैंकिंग प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था में कुछ कमियां सामने आई हैं। इन्हीं बिंदुओं को रिपोर्ट में विस्तार से दर्ज किया गया है। जांच के दौरान यह भी देखा गया कि चढ़ावे की राशि के संग्रहण और उसके रिकॉर्ड प्रबंधन में किन किन स्तरों पर सुधार की आवश्यकता है। एसआईटी ने मामले में ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों, कर्मचारियों और गणनाकर्मियों की भूमिका की भी जांच की है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

Large ornate Hindu temple complex with a crowd gathered in a plaza for a ceremony or festival outside the main steps.
Source TV9 Bharatvarsh

40 से अधिक गणनाकर्मी हटाए गए

जांच के दौरान करीब 40 गणनाकर्मियों को उनके कार्य से हटाया गया है। उनकी जगह नए कर्मचारियों की तैनाती की गई है ताकि चढ़ावे की गणना प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सके। यह कदम जांच प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया बताया जा रहा है।

आगे पढ़िए: राम मंदिर चढ़ावा विवाद: एसआईटी जांच में नए दावे, टिन्नू यादव ने पूछताछ में लिए दो नाम

पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर की सिफारिश

मामले में कथित चोरी और गबन से जुड़े आरोपों को देखते हुए एसआईटी ने पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों के आधार पर आगे विभागीय और कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है। जांच एजेंसी ने अब तक जुटाए गए दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा को भी अपनी रिपोर्ट का हिस्सा बनाया है। इन साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

कुछ अधिकारियों को अयोध्या में रुकने के निर्देश

एसआईटी ने मामले की विस्तृत जांच जारी रखने के लिए कुछ अधिकारियों को अयोध्या में ही रुकने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट और संबंधित अधिकारियों को भी जांच पूरी होने तक अयोध्या नहीं छोड़ने के लिए कहा गया है। सूत्रों का कहना है कि जांच का दायरा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और कई पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। ऐसे में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट तैयार होने में अतिरिक्त समय लग सकता है।

लखनऊ से दिल्ली तक चल रहा मंथन

मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक लगातार मंथन जारी है। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार के निर्णय के तहत हुआ था, इसलिए इस मामले पर विभिन्न स्तरों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। उधर, इस पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई संभावित है। याचिका में मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की गई है। फिलहाल सभी की नजरें एसआईटी की रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामले में किस स्तर तक जवाबदेही तय की जाएगी और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

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