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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: एसआईटी जांच में नए दावे, टिन्नू यादव ने पूछताछ में लिए दो नाम

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News graphic: illuminated Ram temple at dusk with a circular inset of a man in yellow attire and white scarf; Hindi headline about temple wedding and SIT probe.
Source: prabhasakshi
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The Journalist News (Lucknow): उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर एक बार फिर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस बार वजह कोई धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मंदिर में प्राप्त चढ़ावे और दानराशि में कथित गड़बड़ी के आरोप हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) लगातार जांच और पूछताछ में जुटा हुआ है। हालांकि अब तक किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच अभी जारी है। सूत्रों के अनुसार, जांच के चौथे दिन कई महत्वपूर्ण लोगों से पूछताछ की गई। इनमें राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारी, कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों को शामिल किया गया। जांच एजेंसियां दान और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

टिन्नू यादव से दोबारा पूछताछ में सामने आए नए नाम

Man in a yellow kurta with a white scarf, standing indoors with hands folded in a Namaste greeting.
Source prabhasakshi

सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने ट्रस्ट पदाधिकारी Anil Mishra, महासचिव Champat Rai, उनके चालक रामशंकर यादव उर्फ Tinnu Yadav तथा Gopal Rao से पूछताछ की। बताया जा रहा है कि टिन्नू यादव से दोबारा पूछताछ के दौरान गिनती प्रक्रिया और दानराशि प्रबंधन से जुड़े कई सवाल किए गए। सूत्रों का दावा है कि पूछताछ में उन्होंने अनिल मिश्रा और गोपाल राव के नामों का उल्लेख किया। हालांकि जांच एजेंसियों ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

नकदी ही नहीं, सोना चांदी और हीरे के रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में

जांच केवल नकद दान तक सीमित नहीं है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी अब मंदिर को दान में मिले सोने, चांदी और हीरे जैसे बहुमूल्य आभूषणों के रिकॉर्ड की भी विस्तार से जांच कर रही है। अधिकारियों को यह पता लगाने का प्रयास है कि मंदिर को प्राप्त बहुमूल्य वस्तुओं का रिकॉर्ड किस प्रकार रखा गया, उनका मूल्यांकन कैसे हुआ और उन्हें सुरक्षित रखने की प्रक्रिया क्या थी। जांच एजेंसियां दस्तावेजों, रजिस्टरों और डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान भी कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित विसंगति का पता लगाया जा सके।

आगे पढ़िए: अयोध्या को CM Yogi की बड़ी सौगात, कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, रामलला के भी करेंगे दर्शन

वीआईपी पास को लेकर भी उठे सवाल

सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि जांच के दौरान वीआईपी पास जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं। कुछ लोगों के पास विशेष प्रवेश सुविधा होने की जानकारी सामने आई है। जांचकर्ता यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि इन पासों को जारी करने का आधार क्या था और क्या निर्धारित नियमों का पालन किया गया था। हालांकि इस मामले में भी अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच एजेंसियां उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों का मिलान कर रही हैं।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में दानराशि और चढ़ावे से जुड़ा कोई भी मामला अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है। फिलहाल जांच एजेंसियां सभी तथ्यों और दस्तावेजों की समीक्षा कर रही हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी तक किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच के निष्कर्षों का इंतजार किया जा रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके और श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।

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Ankur Bajpai
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