The Journalist News (Lucknow): हरियाणा के अंबाला जिले के धन्योरा गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां एक 4 वर्षीय मासूम बच्चा खेलते समय खुले बोरवेल में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और मौके पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। पूरे इलाके में भारी संख्या में ग्रामीण और अधिकारियों की मौजूदगी है, जबकि परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
खेलते समय हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्चा धन्योरा गांव में खेल रहा था। इसी दौरान वह खुले पड़े बोरवेल के पास पहुंच गया और अचानक उसमें गिर गया। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने बच्चे को बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद राहत एजेंसियों को मौके पर बुलाया गया।

सेना और NDRF ने संभाला मोर्चा
घटना की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना और NDRF की टीमों को मौके पर तैनात किया गया। बचाव दल आधुनिक उपकरणों की मदद से बच्चे तक सुरक्षित पहुंचने की कोशिश कर रहा है। रेस्क्यू टीम बोरवेल की गहराई, मिट्टी की स्थिति और बच्चे की लोकेशन का लगातार आकलन कर रही है। इसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जा रही है ताकि बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
प्रशासन ने तेज किया बचाव अभियान
स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। आसपास के क्षेत्र को घेर लिया गया है ताकि बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी सावधानी के साथ चलाया जा रहा है। विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर हर कदम उठाया जा रहा है, ताकि बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
परिवार और ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
घटना के बाद बच्चे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं गांव के लोग भी बड़ी संख्या में घटनास्थल पर मौजूद हैं और बच्चे के सकुशल बाहर आने की प्रार्थना कर रहे हैं। ग्रामीण प्रशासन से लगातार बचाव कार्य में तेजी लाने की अपील कर रहे हैं। मौके पर मौजूद अधिकारी समय-समय पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
खुले बोरवेल बने बड़ी चिंता
देश के कई हिस्सों में खुले और असुरक्षित बोरवेल बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। समय-समय पर ऐसे हादसे सामने आते रहे हैं, जिनमें मासूम बच्चों की जान जोखिम में पड़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि उपयोग में नहीं आने वाले बोरवेल को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार पूरी तरह बंद किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
समाचार लिखे जाने तक सेना, NDRF और प्रशासन की टीमें बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही थीं। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि बचाव अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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