Home राष्ट्रीय उत्तराखंड में मानसून से पहले हाई अलर्ट! 2 जुलाई को होगी राज्यव्यापी मॉक ड्रिल, CM के निर्देश पर पूरी तैयारी
राष्ट्रीय

उत्तराखंड में मानसून से पहले हाई अलर्ट! 2 जुलाई को होगी राज्यव्यापी मॉक ड्रिल, CM के निर्देश पर पूरी तैयारी

Share
Man sitting in an office chair against wooden panels, with a red Hindi news banner about Uttarakhand high alert and CM’s directives.
Source: The News Mill
Share

The Journalist News (Lucknow): उत्तराखंड में मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे राज्य में 2 जुलाई को व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य आपदा की स्थिति में सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों की तैयारियों का आकलन करना है।

मुख्यमंत्री ने तैयारियों की समीक्षा की

विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में मानसून तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने निर्देश दिया था कि मानसून शुरू होने से पहले राज्यभर में मॉक ड्रिल आयोजित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सभी जिलों में मॉक ड्रिल की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और अब यह अभ्यास 2 जुलाई को आयोजित होगा।

Indian man wearing a beige jacket speaks into an ANI microphone during a street/interview setting with a large map backdrop behind him.
Source ANI

पिछले 15-20 वर्षों की आपदाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई योजना

आपदा प्रबंधन सचिव के अनुसार, मॉक ड्रिल की योजना तैयार करते समय उत्तराखंड में पिछले 15 से 20 वर्षों के दौरान आई प्राकृतिक आपदाओं का विशेष अध्ययन किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में भूस्खलन, बाढ़, बादल फटना और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए यह अभ्यास तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तरह तैयार रहें।

आगे पढ़िए: NGT की चेतावनी: जलधाराएं नहीं बचीं तो खतरे में पड़ जाएगा नैनीताल

हर जिले की तैयारियों का होगा आकलन

विनोद कुमार सुमन ने कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान प्रत्येक जिले की वर्तमान तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि किसी आपदा की स्थिति में जिले का प्रतिक्रिया तंत्र कितना प्रभावी है और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के जरिए यह निर्धारित किया जाएगा कि प्रत्येक जिले की तैयारी का स्तर क्या है और उसे किस स्तर तक पहुंचाया जाना चाहिए।

आपदा से निपटने की क्षमता होगी मजबूत

राज्य सरकार का मानना है कि इस तरह की मॉक ड्रिल से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। साथ ही प्रशासन, राहत एवं बचाव दल और अन्य संबंधित एजेंसियां वास्तविक आपदा की स्थिति में तेजी और प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगी। विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तराखंड भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है, जहां मानसून के दौरान भूस्खलन, सड़क अवरोध, बाढ़ और बादल फटने जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में समय रहते तैयारियों की समीक्षा करना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मानसून से पहले सतर्कता पर सरकार का जोर

राज्य सरकार लगातार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि मानसून के दौरान जन-धन की हानि को न्यूनतम रखा जा सके। इसी दिशा में यह राज्यव्यापी मॉक ड्रिल एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

author avatar
Sanskriti Tyagi
Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles