The Journalist News (Lucknow): केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि भारत की ऊर्जा अवसंरचना (Energy Infrastructure) तेजी से मजबूत हो रही है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs) की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं और अगले 6 से 12 महीनों के भीतर इनके पूरा होने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद देश की रिफाइनिंग क्षमता (Refining Capacity) बढ़कर 300 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) हो जाएगी।
पूंजीगत व्यय परियोजनाओं की समीक्षा
हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि उन्होंने हाल ही में मंत्रालय और उसके अधीन सार्वजनिक उपक्रमों की पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। उन्होंने कहा कि कई रिफाइनरी परियोजनाएं उन्नत चरण (Advanced Stage) में हैं और निर्धारित समयसीमा के भीतर उनके पूरा होने की संभावना है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से देश की ऊर्जा उत्पादन क्षमता और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

300 MMTPA रिफाइनिंग क्षमता होगी बड़ी उपलब्धि
मंत्री ने कहा कि भारत की रिफाइनिंग क्षमता का 300 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष तक पहुंचना एक उल्लेखनीय उपलब्धि होगी। उनके अनुसार, यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने इस उपलब्धि को भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और भविष्य की मांग के अनुरूप बुनियादी ढांचे को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
आगे पढ़िए: तेल की कीमतों में गिरावट का असर, ATF और कमर्शियल LPG हुए सस्ते, जानिए कितनी मिली राहत
रिफाइनरी परियोजनाओं से क्या होगा फायदा?
रिफाइनरी परियोजनाओं के पूरा होने से कच्चे तेल (Crude Oil) को पेट्रोल, डीजल, एविएशन फ्यूल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों में बदलने की क्षमता बढ़ेगी। इससे घरेलू मांग को पूरा करने के साथ-साथ निर्यात की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रिफाइनिंग क्षमता बढ़ने से ऊर्जा क्षेत्र में निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की अहम भूमिका
पेट्रोलियम मंत्रालय के अधीन कार्यरत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां देश की ऊर्जा व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। विभिन्न रिफाइनरी विस्तार और आधुनिकीकरण परियोजनाओं के जरिए ये कंपनियां उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर लगातार काम कर रही हैं। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इन परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से भारत की ऊर्जा अवसंरचना और अधिक मजबूत होगी।
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा
भारत लगातार ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में निवेश बढ़ा रहा है। रिफाइनिंग क्षमता में वृद्धि से न केवल घरेलू मांग को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सकेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी भारत की स्थिति और मजबूत हो सकती है। ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, नई परियोजनाओं के संचालन में आने के बाद देश की उत्पादन क्षमता, आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा सुरक्षा को दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है।
Leave a comment