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चलते ई-रिक्शा को रोकने वाले ऐप्स पर सरकार सख्त, Apple और Google को हटाने का निर्देश

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Man in an auto rickshaw extends a hand toward a passerby while a smartphone in the foreground shows a Bluetooth symbol and battery icon, with a red Hindi news banner across the bottom.
Source: AI
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The Journalist News (Lucknow): देश में ई-रिक्शा यात्रियों की सुरक्षा और साइबर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। सरकार ने Apple और Google को कम से कम तीन बैटरी मैनेजमेंट एप्लिकेशन (Battery Management Apps) को अपने-अपने ऐप स्टोर से हटाने का निर्देश दिया है। इन ऐप्स के कथित दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इन ऐप्स का इस्तेमाल करके चलते हुए कुछ ई-रिक्शा की बैटरी सिस्टम को दूर से बंद किया जा सकता था। इस घटना ने यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ साइबर सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

Black Apple logo on the left and Google 'G' logo on the right.
Source Social Media

वायरल वीडियो के बाद सरकार हरकत में

यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए। इन वीडियो में कुछ लोग ब्लूटूथ (Bluetooth) आधारित एप्लिकेशन की मदद से आसपास मौजूद ई-रिक्शा से कनेक्ट होते और कथित तौर पर उनकी बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को निष्क्रिय करते हुए दिखाई दिए। यदि ऐसा किसी चलती हुई ई-रिक्शा के साथ होता है, तो इससे चालक और यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। हालांकि, प्रत्येक वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

किन ऐप्स पर कार्रवाई?

सरकार द्वारा जिन एप्लिकेशन का उल्लेख किया गया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं

  • BAT-BMS
  • Lossigy
  • Epoch Li-ion

सरकार ने इन ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं ताकि इनके कथित दुरुपयोग को रोका जा सके।

क्यों बढ़ी चिंता?

बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी की निगरानी और संचालन के लिए उपयोग किया जाता है। यदि ऐसे सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच संभव हो जाए, तो वाहन की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से सरकार इस मामले को केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा विषय मान रही है।

आगे पढ़िए: Sony के नए पेटेंट ने मचाई हलचल, अब आपकी उंगली को महसूस करेगा PlayStation कंट्रोलर

ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों के लिए क्या मायने?

भारत में लाखों लोग रोजाना ई-रिक्शा का उपयोग करते हैं। ऐसे में यदि किसी तकनीकी खामी या ऐप के दुरुपयोग के कारण वाहन अचानक बंद हो जाए, तो सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों में सुरक्षित सॉफ्टवेयर, मजबूत एन्क्रिप्शन और नियंत्रित एक्सेस सिस्टम बेहद आवश्यक हैं ताकि अनधिकृत व्यक्ति वाहन के सिस्टम तक न पहुंच सकें।

कंपनियों की प्रतिक्रिया का इंतजार

समाचार लिखे जाने तक Apple, Google या संबंधित ऐप डेवलपर्स की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। यदि कंपनियां इस संबंध में कोई स्पष्टीकरण या अपडेट जारी करती हैं, तो उसके आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा पर बढ़ा फोकस

यह मामला इलेक्ट्रिक वाहनों में डिजिटल सुरक्षा की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। जैसे-जैसे स्मार्ट और इंटरनेट से जुड़े वाहन बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे उनके साइबर सुरक्षा मानकों को मजबूत करना भी जरूरी होता जा रहा है। फिलहाल सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संबंधित ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। आगे की जांच और तकनीकी मूल्यांकन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इन ऐप्स के दुरुपयोग की वास्तविक सीमा क्या थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन-कौन से अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।

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