उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ आज आजमगढ़ पहुंचे। जहां उन्होंने सलारपुर में आयोजित कार्यक्रम में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया। इससे पहले जनसभा स्थल पर नंद गोपाल नंदी ने उनका स्वागत किया।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़े गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 91.35 किमी है। यह गोरखपुर के एनएच-27 पर जैतपुर के पास शुरू होकर आजमगढ़ के सलारपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से मिलता है। चार जिलों गोरखपुर,संतकबीरनगर, आंबेडकरनगर और आजमगढ़ से होकर गुजरने वाला यह एक्सप्रेस-वे भविष्य में छह लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण सहित 7283.28 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसका निर्माण दो भाग में गोरखपुर के जैतपुर से अंबेडकरनगर के फुलवरिया तक (48.317 किमी) और फुलवरिया से आजमगढ़ के सलारपुर तक (43.035 किमी) किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पूर्वांचल को नई औद्योगिक और आर्थिक दिशा देगा। उन्होंने कहा कि, आजमगढ़ को अब बाहुबलियों की नहीं, विकास की पहचान मिलेगी। हम यहां विश्वविद्यालय भी बना रहे हैं और एक्सप्रेस-वे भी तैयार कर चुके हैं. सीएम योगी ने आजमगढ़ की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि पहले आपके जनप्रतिनिधि सिर्फ वादे करते थे, अब आपके पास काम करने वाला प्रतिनिधि है। CM योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य से बढ़कर एक्सप्रेस-वे प्रदेश बन रहा है।

8 वर्ष पर पहले उत्तर प्रदेश के युवा और नागरिकों के सामने पहचान का संकट था। सरकारों ने आजमगढ़ के लिए पहचान का संकट पैदा कर दिया था। आज आजमगढ़ अदम्य साहस का गढ़ बन गया है। प्रगति होगी तो समृद्धि होगी। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से इस आजमगढ़ मऊ के लोग सुबह लखनऊ जाकर काम निपटाकर वापस आ जाते हैं।

साल 2017 में जब हम आए तो उत्तर-प्रदेश में डेढ़ एक्सप्रेस-वे थे। अब पटना से लेकर लखनऊ, लखनऊ से दिल्ली की कनेक्टिविटी तैयार हो रही है। दिल्ली मेरठ के बीच 12 लेन का एक्सप्रेस-वे बन चुका है। अब 45 मिनट में दिल्ली से मेरठ तक आवागमन होता है. मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार हो रहा है। वहीं 6 एक्सप्रेस-वे निर्माणाधीन हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर को इतना मजबूत कर देंगे कि प्रदेश को समृद्ध होने से कोई रोक नहीं सकेगा। साल 2017 के पहले पता ही नहीं चलता था कि गड्ढे में सड़क है या सड़क में गड्ढे हैं। आज इन्हीं एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर बनाए जा रहे हैं। उद्योग यहीं लगेंगे। युवाओं को रोजगार यहीं मिलेगा।

सीएम योगी ने लिंक एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करने के बाद जनता को संबोधित करते हुए कहा कि, अब आजमगढ़ आतंक का गढ़ नहीं अदम्य साहस का गढ़ बन गया है। वीर कुंवर सिंह द्वारा 1857 में लड़ी गई आजादी की लड़ाई के समय अगर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे होता तो तभी आजमगढ़ के साथ पूरा देश आजाद होता। विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि, जाति के नाम पर राजनीति करने वाले पूर्वांचल में सिर्फ वोट मांगने आते थे, आज प्रयागराज में गंगा एक्सप्रेसवे को सोनभद्र से जोड़ते हुए विकास की गंगा बह रही है।

मुख्यमंत्री ने एक बार फिर डबल इंजन की सरकार की दुहाई देते हुए कहा कि, उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम प्रदेश बनाने के लिए डबल इंजन की सरकार काम कर रही है। काशी, विंध्याचल, चित्रकूट, अयोध्या के बाद अब तो हम मथुरा और वृंदावन की तरफ भी भिड़ गए हैं। कहा कि विरासत के साथ-साथ विकास पर भी काम करेंगे। जो सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने का प्रयास करेगा, पहले से उसका टिकट रिजर्व कर दिया जाएगा। पहले विकास के नाम पर यह लोग डी कंपनी को पालते थे, यानी दाउद कंपनी। हमारी सरकार ने ऐसे लोगों को जहन्नुम का टिकट दे दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी के नेतृत्व पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि इस आजमगढ़ ने जब उन्हें सांसद और मुख्यमंत्री बनाया, तब वे न विश्वविद्यालय बना पाए, न ही एक्सप्रेस-वे। कहा कि, हमने एक गैर-सैफई वासी को सांसद बनाया और आज इस जिले को विकास की असली रफ्तार मिल रही है। उन्होंने एक्सप्रेस-वे निर्माण में समाजवादी पार्टी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि, साल 2016 में वे 110 मीटर चौड़ा एक्सप्रेस-वे बनाने की योजना बना रहे थे और उसका टेंडर भी जारी कर दिया था। उस योजना में लूट और डकैती की पूरी व्यवस्था थी।

सीएम योगी यहीं नहीं रुके. उन्होंने समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं पर मुंबई की कुख्यात D कंपनी से सांठगांठ और अंडरवर्ल्ड से पार्टनरशिप का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि आज जो खुद को ईमानदार बताते हैं, वही लोग कभी अंडरवर्ल्ड के साथ खड़े होते थे. ये वही लोग हैं, जिन्होंने यूपी को अपराध और अराजकता की आग में झोंक दिया था। जाति के नाम पर बांटने वाले लोग वही हैं. जब सत्ता में थे तो ये अपने परिवार की बात करते थे, आज 60 हजार सिपाही भर्ती में इसी आजमगढ़ के युवा भर्ती हुए हैं. किसी का जाति मत मजहब नहीं पूछा गया. कोई सिफारिश नहीं हुई. साल 2017 के पहले यही भर्ती होती तो चाचा भतीजा झोला लेकर निकल पड़ते. यही है सबका साथ सबका विकास. उत्तर प्रदेश ने विरासत और विकास का समन्वय स्थापित किया. महाकुंभ, काशी विश्वनाथ धाम, चित्रकूट धाम, विंध्यवासिनी धाम का विकास भी हुआ, अब मथुरा के विकास की बारी है।
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