लखनऊ: राजधानी लखनऊ में एक बांग्लादेशी घुसपैठिए द्वारा 2 लाख रुपये की टप्पेबाज़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी हसन शेख और उसके साथी उमर शेख को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि हसन 8 महीने पहले अवैध तरीके से भारत–बांग्लादेश सीमा पार कर देश में दाखिल हुआ था और लखनऊ में फर्जी रियाल बेचने के नाम पर लोगों से ठगी करता था।
दुबग्गा में अवैध रूप से रह रहा था हसन
अवैध घुसपैठ करके भारत आया हसन शेख लखनऊ के दुबग्गा सब्ज़ी मंडी के पास फुटपाथ पर रह रहा था।
सत्यापन और पुलिस कार्रवाई के डर से वह किसी किराए के मकान या आश्रय स्थल में न जाकर खुले में ही सोता था।
पुलिस के अनुसार हसन पेशेवर ठग है, जो लगातार इलाके बदलकर लोगों को निशाना बनाता था।
चूड़ी व्यापारी को 300 रियाल का झांसा
घटना में पीड़ित निशातगंज निवासी चूड़ी व्यापारी गुल्लू सोनकर हैं।
आरोपियों ने उन्हें 300 रियाल देने का झांसा देकर 2 लाख रुपये ऐंठ लिए।
सौदे के दौरान उमर ने असली रियाल दिखाकर व्यापारी को भरोसे में लिया, लेकिन रुपये मिलते ही रियाल की जगह कागज का बंडल थमा दिया और मौके से फरार हो गए।
कई इलाकों में कर चुके हैं वारदात
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि हसन शेख और उसका साथी इंदिरा नगर, महानगर और दुबग्गा क्षेत्रों में भी इसी तरीके से ठगी कर चुके हैं।
दोनों सड़क पर घूम-घूमकर लोगों को सस्ते रियाल देने का लालच देते थे और मौका मिलते ही रकम लेकर चंपत हो जाते थे।
साथी उमर भी गिरफ़्तार
हसन का साथी उमर शेख, पश्चिम बंगाल के 24 परगना का रहने वाला है।
उमर कुछ समय पहले पश्चिम बंगाल से लखनऊ आया था और दोनों मिलकर शहर में टप्पेबाजी को अंजाम दे रहे थे।
पूरा नेटवर्क रियाल बेचने के लालच पर आधारित था, जिसमें दोनों तेजी से शिकार तलाशते थे।
खुफिया एजेंसियां भी पूछताछ में जुटीं
अवैध घुसपैठ, ठगी और संदिग्ध गतिविधियों के मद्देनज़र मामला गंभीर माना जा रहा है।
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियां भी उनसे पूछताछ कर रही हैं ताकि यह पता चल सके कि भारत में उनका मकसद सिर्फ ठगी था या कोई और कनेक्शन भी शामिल है।
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